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महाशिवरात्रि 2018
Mahashivratri 2018


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महाशिवरात्रि के उपाय
Maha shivratri ke upay


भगवान भोले नाथ की प्रिय रात्रि / प्रिय पर्व महाशिवरात्रि Mahshivratri हिन्दुओं का एक बहुत ही बड़ा पर्व है। यह पर्व फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। मान्यता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान् शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था, जानिए महाशिवरात्रि 2018, Mahashivratri 2018, महाशिवरात्रि के उपाय, Maha shivratri ke upay ।

om-logo शास्त्रों के अनुसार इसी दिन प्रलय आई थी । इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए सम्पूर्ण सृष्टि को अपने तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसीलिए इस दिन को महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि भी कहा गया।

om-logo इसी पवित्र दिन में भगवान शिव का तीनों भुवनों की परम सुंदरी,, परम शीलवती, परम सौभाग्यवती माँ गौरां ( पार्वती माँ ) से विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन भगवान शिव की बारात भी निकाली जाती है ।

om-logo ईशान संहिता के अनुसार इसी दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी ।

om-logo शिवरात्रि के दिन प्रात: सभी भक्तो को सूर्योदय से पूर्व जल में तिल डालकर "ॐ नम: शिवाये" अथवा "महामृत्युंजय मन्त्र" का जाप करते हुए स्नान करना चाहिए ।

om-logo शिवरात्रि के दिन प्रदोष काल ( जब दिन और रात मिल रहे हो ) में भगवान शंकर की पूजा अवश्य ही करनी चाहिए । मान्यता है कि प्रदोष काल में भोलेनाथ साक्षात शिवलिंग में विराजमान रहते है उस समय जो भी भक्त उनकी आराधना करके अपनी जो भी इच्छा प्रकट करता है प्रभु उसकी मनोकामना शीघ्र ही अवश्य पूर्ण करते है ।

om-logo शिवरात्रि के दिन ईशान कोण की तरफ मुँह करके पूजा करनी चाहिए । शास्त्रों के अनुसार ईशान कोण के स्वामी स्वयं भगवान शिव है । रात में पूर्व दिशा की तरफ दीपक जलाकर ईशान की तरफ मुँह करके पूजा करने से अभीष्ट लाभ की सिद्धि होती है समेत भय और संकट दूर होते है ।

om-logo महाशिवरात्रि Mahshivratri भगवान शंकर का सबसे प्रिय दिन है। इस दिन सभी शिवभक्त, शिव मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद , भाँग, धतूरा, शमी पत्र, बेल-पत्र आदि चढ़ाते हुए "हर हर महादेव" और :ॐ नम: शिवाय" का जाप करते उनका पूजन करते है उपवास रखते है और रात्रि को जागरण करते हैं। शिव पुराण के अनुसार शिवरात्रि को भगवान शिव की पूर्ण श्रद्धा से पूजा आराधना करने से जातक के समस्त जन्मो के पापों का नाश हो जाता है। उसकी समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती है ।

om-logo मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए जो भी उपाय किये जाते है वह शीघ्र ही सफल होते है ।

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