Saturday, December 5, 2020
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budhapa dur karne ke upay, बुढ़ापा दूर करने के उपाय,

budhapa dur karne ke upay, बुढ़ापा दूर करने के उपाय,

आयुर्वेद में कई ऐसे योग, कई ऐसे उपयोगी नुस्खे, कई ऐसे पदार्थ है जिन्हें यदि सही अनुपात में मिलाकर उसका उपयोग किया जाय तो उससे असाधारण लाभ प्राप्त सकते है। शरीर के बहुत से विकार दूर होते है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है,बुढ़ापा दूर रहता है Budhapa dur rahta hai, उम्र का असर पास भी नहीं आता है,
जानिए बुढ़ापा दूर करने का उपाय, Budhapa dur karne ke upay,सदा जवान रहने के उपाय, Sada jawan rahne ke upay ।

सदा जवान रहने के उपाय, Sada jawan rahne ke upay,

बुढ़ापा दूर करने का एक बहुत ही अचूक उपाय है, जिसमें यदि भृंगराज, काले तिल और आँवले को सही अनुपात में मिलाकर, सही विधि से सेवन किया जाय तो पूरे शरीर का कायाकल्प Kyakalp हो जाता है, बुढ़ापा पास भी नहीं आता है, शरीर में गजब की ताकत आ जाती है

* आयुर्वेद में भृंगराज branraj का प्रमुख स्थान है। आयुर्वेद में भृंगराज को रसायन माना जाता है। इसकी प्रकृति ठण्डी होती है । भृंगराज में शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का गुण पाया जाता है।
भृंगराज बढती उम्र के असर को बहुत प्रभावी तरह से रोकता है। भृंगराज बालो के लिए, आँखों के लिए, यकृत और पाचन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक है। इसके सेवन से संक्रमण और मानसिक तनाव भी दूर रहता है।

* काला तिल अत्यंत उपयोगी है। इसकी प्रकृति गरम मानी जाती है ।
काले तिल में कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्लेमिक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्व हैं।
काले तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड भी पाया जाता है जो हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रोल को कम करके एच.डी.एल अर्थात गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में मदद करता है। काले तिल से शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसके सेवन से हृदय रोगो की संभावना बहुत कम हो जाती है, शारीरिक और मानसिक तनाव दूर होता है। तिल के सेवन से बुढ़ापा दूर रहता है, हड्डियाँ, मांसपेशियाँ स्वस्थ रहती है, पेट के रोग भी दूर रहते है।

* आयुर्वेद में आँवले को अमृत फल कहा गया है। आँवला हजार औषधियों की एक औषधि है। आँवले में अम्लीय गुण की अधिकता होती है और यह त्रिदोषनाशक माना जाता है । आँवले के अंदर रसायन और शक्ति देने वाले गुण प्रचुर मात्रा में होते है। आँवले में जितना विटामिन ‘सी’ होता है, उतना अन्य किसी भी फल में नहीं होता है। निम्बू और संतरे से दस गुना ज्यादा विटामिन ‘सी’ आँवले में पाया जाता है।
आँवले के सेवन से शरीर निरोगी रहता है, उम्र का असर दूर रहता है। आँवला हड्डियों तथा दाँतों को मजबूत बनाने वाला, नेत्रो की रौशनी बढ़ाने वाला, ह्रदय, रक्तचाप को नियंत्रित करने वाला, पाचन क्रिया को मजबूत करने वाला एसिडिटी को दूर भागने वाला है। आँवले के नित्य सेवन करने से बाल बहुत देर में सफ़ेद होते है।

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