Sunday, September 20, 2020
Home Hindi घरेलु उपचार बुढ़ापा दूर करने के उपाय | सदा जवान रहने के उपाय

बुढ़ापा दूर करने के उपाय | सदा जवान रहने के उपाय


सदा जवान रहने के उपाय
Sada jawan rahne ke upay

आयुर्वेद में कई ऐसे योग, कई ऐसे उपयोगी नुस्खे, कई ऐसे पदार्थ है जिन्हें यदि सही अनुपात में मिलाकर उसका उपयोग किया जाय तो उससे असाधारण लाभ प्राप्त सकते है। शरीर के बहुत से विकार दूर होते है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है,बुढ़ापा दूर रहता है Budhapa dur karne ke upay । उम्र का असर पास भी नहीं आता है,
जानिए बुढ़ापा दूर करने का उपाय, Budhapa dur karne ke upay,सदा जवान रहने के उपाय, Sada jawan rahne ke upay ।

ऐसे ही एक बुढ़ापा दूर करने का उपाय है, जिसमें यदि भृंगराज, काले तिल और आँवले को सही अनुपात में मिलाकर, सही विधि से सेवन किया जाय तो पूरे शरीर का कायाकल्प Kyakalp हो जाता है, बुढ़ापा पास भी नहीं आता है, शरीर में गजब की ताकत आ जाती है,

hand-logo One Image आयुर्वेद में भृंगराज branraj का प्रमुख स्थान है। आयुर्वेद में भृंगराज को रसायन माना जाता है। इसकी प्रकृति ठण्डी होती है । भृंगराज में शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का गुण पाया जाता है।
भृंगराज बढती उम्र के असर को बहुत प्रभावी तरह से रोकता है। भृंगराज बालो के लिए, आँखों के लिए, यकृत और पाचन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक है। इसके सेवन से संक्रमण और मानसिक तनाव भी दूर रहता है।

hand-logo One Image काला तिल अत्यंत उपयोगी है। इसकी प्रकृति गरम मानी जाती है ।
काले तिल में कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्लेमिक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्व हैं।
काले तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड भी पाया जाता है जो हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रोल को कम करके एच.डी.एल अर्थात गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में मदद करता है। काले तिल से शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसके सेवन से हृदय रोगो की संभावना बहुत कम हो जाती है, शारीरिक और मानसिक तनाव दूर होता है। तिल के सेवन से बुढ़ापा दूर रहता है, हड्डियाँ, मांसपेशियाँ स्वस्थ रहती है, पेट के रोग भी दूर रहते है।

hand-logo One Image आयुर्वेद में आँवले को अमृत फल कहा गया है। आँवला हजार औषधियों की एक औषधि है। आँवले में अम्लीय गुण की अधिकता होती है और यह त्रिदोषनाशक माना जाता है । आँवले के अंदर रसायन और शक्ति देने वाले गुण प्रचुर मात्रा में होते है। आँवले में जितना विटामिन ‘सी’ होता है, उतना अन्य किसी भी फल में नहीं होता है। निम्बू और संतरे से दस गुना ज्यादा विटामिन ‘सी’ आँवले में पाया जाता है।
आँवले के सेवन से शरीर निरोगी रहता है, उम्र का असर दूर रहता है ।
आँवला हड्डियों तथा दाँतों को मजबूत बनाने वाला, नेत्रो की रौशनी बढ़ाने वाला, ह्रदय, रक्तचाप को नियंत्रित करने वाला, पाचन क्रिया को मजबूत करने वाला एसिडिटी को दूर भागने वाला है। आँवले के नित्य सेवन करने से बाल बहुत देर में सफ़ेद होते है।

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

लू के घरेलु उपचार

लू के घरेलु उपचार Loo ke Gharelu Upcharभारत में गर्मियों में चलने वाली प्रचण्ड गर्म तथा शुष्क...

राशिनुसार जन्माष्टमी | राशिनुसार जन्माष्टमी के उपाय

राशिनुसार जन्माष्टमी के उपायRashianusar Janmashtami ke Upayभगवान श्रीकृष्ण द्वारका के राजा थे उन्होंने द्वारका नगरी बसाई थी...

पसीने की बदबू को दूर करने के उपाय

पसीने की बदबू Pasine ki badbu होना एक आम बात है खास तौर पर गर्मियों में तो यह बहुत से लोगो को...

समझौतों का मुहूर्त

समझौते का मुहूर्त Samjhauta ka Muhurtज्योतिष शास्त्र ( Jyotish Shastr ) में समझौते के मुहूर्त ( Samjhaute ka...
Translate »