Friday, September 18, 2020
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गठिया जोड़ो के दर्द | गठिया जोड़ो के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज

गठिया जोड़ो के दर्द का आयुवेदिक इलाज
Gathiya jodo ke dard ka ayurvedic ilaj

उम्र बढ़ने के साथ साथ जब जोड़ो में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो वह गठिया की बीमारी का रूप ले लेता है। गठिया में मरीज़ को जोड़ो में दर्द, अकड़न और सूजन का सामना करना पड़ता है। विशेषकर सर्दियों में बहुत ज्यादा तकलीफ होने लगती है , जोड़ो में सूजन आ जाती है, चुभन सी होने लगती है ।

Kalash One Image गठिया के रोग ( gathiya ke rog ) , जोड़ो में दर्द ( jodo me dard ) और शरीर की सूजन में दालचीनी राम बाण का काम करती है।

Kalash One Image दालचीनी दक्षिण भारत का एक पेड़ है जिसकी छाल का प्रयोग मसालो और औषधियों के रूप में किया जाता है । दालचीनी उष्ण-तीक्ष्ण एवं रक्त में पित्त की मात्रा बढ़ानेवाली है। इसके अधिक सेवन से शरीर में गरमी उत्पन्न होती है। दालचीनी उष्ण-तीक्ष्ण होने के कारण विशेष रूप से कफ एवं वात दोनों का ही नाश करती है । अतः यह त्रिदोषशामक है।

Kalash One Image गठिया, ( gathiya ) जोड़ो का दर्द ( jod ka dard ) दूर करने के लिए एक बडा चम्मच शहद और एक आधा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह और शाम एक गिलास मामूली गर्म जल से नियमित रूप से लें लें। एक शोध में कहा है कि चिकित्सकों ने गठिया के रोगियों को नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया।

Kalash One Image इस प्रयोग से गठिया के रोगियों में चमत्कारी परिणाम देखे गए । केवल एक हफ़्ते में ही 30 प्रतिशत रोगी गठिया के दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी गठिया की वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये।

Kalash One Image चूँकि दालचीनी की प्रकृति गर्म होती है अतः इसे सर्दियों में ज्यादा उपयोग करें एवं गर्मियों में इसकी मात्रा आधी कर दें ।
ध्यान दे कि दालचीनी और शहद को हलके गर्म पानी के साथ ही लें और इसके सेवन के बाद एक घण्टे तक कुछ भी ना खाएं ।

इस साइट के सभी आलेख शोधो, आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है। किसी भी बीमारी में आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें,असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी ।

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