Thursday, December 3, 2020
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मोतियाबिंद के घरेलु उपचार

जब आँख के लैंस की पारदर्शिता हल्की या समाप्त होने लगती है धुंधला दिखने लगता है तो उसे मोतियाबिंद ( Motiyabind ) कहते है । इस रोग में आँखों की काली पुतलियों में सफ़ेद मोती जैसा बिंदु उत्पन्न होता है जिससे व्यक्ति की आँखों की देखने की क्षमता कम हो जाती है ज्यादातर यह रोग 40 वर्ष के बाद होता है। मोतियाबिंद ( Motiyabind ) उम्र , मधुमेह, विटामिन या प्रोटीन की कमी , संक्रमण, सूजन या किसी चोट की वजह से भी सकता है ।

यहाँ पर हम कुछ आसान घरेलु उपाय बता रहे है जिनको करने से बिना ऑपरेशन के मोतियाबिंद का इलाज ( bina operation ke Motiyabind ka elaj ) संभव है | जानिए मोतियाबिंद का घरेलू इलाज,( Motiyabind ka gharelu ilaj ) मोतियाबिंद का आयुर्वेदिक इलाज, ( Motiyabind ka ayurvedic ilaj )

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मोतियाबिंद के उपाय
Motiyabind ke upay


Kalash One Image मोतियाबिंद से बचाव ( Motiyabind se bachav ) के लिए सुबह जागने के बाद मुंह में ठंडा पानी भरकर पूरी आँखें खोलकर आंखों पर पानी के 8-10 बार छींटे मारें।

Kalash One Image 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण, आधा चम्मच देसी घी और 1 चम्मच शहद को मिला लें। इसे रोज सुबह खाली पेट ले। इससे मोतियाबिंद ( Motiyabind ) के साथ-साथ आंखों की कई दूसरी बीमारियों से भी बचाव होता है।

Kalash One Image मोतियाबिंद Motiyabind से बचने और आँखों की रौशनी तेज करने लिए प्रतिदिन गाजर, संतरे, दूध और घी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

Kalash One Image एक बूंद प्याज का रस और एक बूंद शहद मिलाकर इसे काजल की तरह रोजाना आंख में लगाएं। आँखों की समस्या शीघ्र ही दूर होगी।

Kalash One Image एक चम्मच घी, दो काली मिर्च और थोड़ी-सी मिश्री मिलाकर दिन में तीन बार इसका सेवन करें ।

Kalash One Image सौंफ और धनिया को बराबर मात्रा में लेकर उसमें हल्की भुनी हुई भूरी चीनी मिलाएं इसको एक एक चम्मच सुबह शाम सेवन करने से भी बहुत लाभ मिलता है।

Kalash One Image 6 बादाम की गिरी और 6 दाने साबुत काली मिर्च पीसकर मिश्री के साथ सुबह पानी के साथ लेने पर भी मोतियाबिंद में लाभ मिलता है।

Kalash One Image आँखोँ की तकलीफ में गाय के दूध का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए ।

Kalash One Image गाजर, पालक, आंवलें के रस का सेवन करने से मोतियाबिंद Motiyabind 2-3 महीने में कटकर ख़त्म हो जाता है ।

Kalash One Image एक चम्मच पिसा हुआ धनिया एक कप पानी में उबाल कर छान लें ठंडा होने पर सुबह शाम आँखों में डाले इससे भी मोतियाबिंद में आराम मिलता है ।

Kalash One Image हल्दी मोतियाबिंद होने से रोकती है। हल्दी में करक्युमिन नामक रसायन होता है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है और साइटोकाइन्स तथा एंजाइम्स को नियंत्रित करता है।इसलिए हल्दी का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।

Kalash One Image आंखों में मोतियाबिंद Motiyabind और रतौंधी हो जाने पर नीम के तेल को सलाई से आंखों में अंजन की तरह से लगाएं।

इस साइट के सभी आलेख शोधो, आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है। किसी भी बीमारी में आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें,असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी ।

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