Wednesday, December 2, 2020
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पथरी के आयुर्वेदिक उपचार

पथरी के आयुवेदिक उपचार
Pathri ke ayurvedic upchar

पथरी से कैसे निजात पाएं
Pathri se kaise Nijat Payen

  • अगर किसी को पथरी की शिकायत (Pathri ke shekayat ) है और डाक्टर उसे आपरेशन की सलाह दे रहे है तो थोड़ा रुकिए। पथरी ( Pathri ) होने पर 7 दिन तक सुबह एक गिलास पानी/छाछ में थोड़ी गरम की हुई फिटकरी घोल कर पी लें, फिटकरी इतनी अवश्य ही घोलें कि पानी खारा हो जाय । इससे पथरी गल कर आसानी से निकल जाती है। अगर पथरी पूरी तरह से ना निकल पाए तो इसे पुनः 10 दिन बार फिर से करें | यहाँ पथरी गलाने का ( pathri galne ka ) अचूक इलाज है

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अवश्य पढ़ें :- घर पर ही कुछ खास, आसान उपायों को करते हुए जवां त्वचा पाएं, झुर्रियों को दूर भगाएं |

* सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर ( pathri tutkar ) बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।

* पथरी की समस्‍या ( Pathri ke samasya ) से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए क्‍योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है। विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्‍टोन ( kidney me stone ) के इलाज में काफी मददगार माना जाता है ।

* मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए, इस घोल को पी‍जिए।ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।

* चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ जिसमें कैफीन पाया जाता है, उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए। हो सके कोल्ड्रिंक ज्यादा मात्रा में पीजिए।

* शुद्ध तुलसी का रस लेने से भी पथरी को यूरीन के रास्‍ते निकलने में मदद मिलती है। कम से कम एक म‍हीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए ।

* जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

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* नींबू का रस और जैतून के तेल का मिश्रण, गुर्दे की पथरी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार में से एक है। पत्‍थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है। नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा रहता है।

* बेल पत्थर को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं। दूसरे दिन काली‍ मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।आठवें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं। दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।

* अन्नानास खाने और उसके जूस का नित्य सेवन करने से एक माह में ही पथरी गल कर निकल जाती है ।

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* बालम खीरा का सुबह शाम आधा गिलास रस निकाल कर उसका सेवन करने से 15 दिन में ही पथरी की समस्या ख़त्म हो जाती है ।

* जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

* गुर्दे में पथरी होने पर 15 दिन तक लगातार 5 – 6 ग्राम कच्चा पपीता और इतना ही गुड लेकर उसमें 4 बूंद कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह शाम खाली पेट लें , इस दौरान पालक, टमाटर आदि का सेवन ना करें । 15 दिन के बाद पथरी चैक कराएं , पूरी सम्भावना है कि पथरी निकल चुकी होगी ।

इस साइट के सभी आलेख शोधो, आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है। किसी भी बीमारी में आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें,असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी ।

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