Home Hindi पंचांग सोमवार का पंचांग, Somwar Ka Panchang,

सोमवार का पंचांग, Somwar Ka Panchang,

21521

सोमवार का पंचांग, Somwar Ka Panchang

सोमवार 14 सितम्बर, 2020 का पंचांग,

रुद्र गायत्री मंत्र : ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥

  • दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
    सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।

सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।

*विक्रम संवत् 2077 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
* शक संवत – 1942,
*कलि संवत 5122
* अयन – दक्षिणायन,
* ऋतु – वर्षा ऋतु,
* मास – अश्विन माह,
* पक्ष – कृष्ण  पक्ष
*चंद्र बल –वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ,

हिंदू पंचाग की बाहरवीं तिथि द्वादशी (Dwadashi) कहलाती है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री विष्णु जी है । इस तिथि का नाम यशोबला भी है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री विष्णु जी / भगवान श्रीकृष्ण जी का पूजन करने से यश और बल की प्राप्ति होती है। इस तिथि के दिन भगवान विष्णु के भक्त बुध ग्रह का भी जन्म हुआ था।
शास्त्रों के अनुसार आश्विन मास की द्वादशी तिथि को उपवास करके भगवान श्री विष्णु जी की “पद्म्नाभ” नाम से पूजा करने वाला पुरुष सहस्र गोदान का पुण्यफल पाता है।
द्वादशी तिथि में यात्रा के अतिरिक्त अन्य सभी कार्य करने शुभ होते हैं। इसके अलावा किसी भी पक्ष की द्वादशी तिथि में तुलसी जी को तोड़ना, मसूर की दाल खाना वर्जित है। द्वादशी को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें ।

आज अति शुभ पुष्य नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रो का राजा भी कहते है । मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र pushya nakshatra में शुरू किये गए सभी कार्य पुष्टिदायक, सर्वथा सिद्ध होते ही हैं, निश्चय ही फलीभूत होते हैं । पुष्य नक्षत्र में माँ लक्ष्मी की आराधना करने से माता शीघ्र प्रसन्न होती है।

  • नक्षत्र (Nakshatra)- पुष्य– 15.52 तक तत्पश्चात अश्लेशा

  • योग(Yog) –परिघ  13:53 तक तत्पश्चात शिव

  • गुलिक काल : –
    दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।

  • दिशाशूल (Dishashool)-
    सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।

राहुकाल (Rahukaal)-सुबह -7:30 से 9:00 तक।

* सूर्योदय – प्रातः
05:52
* सूर्यास्त – सायं
19:00

  • विशेष – ।  द्वादशी तिथि में तुलसी जी को तोड़ना, मसूर की दाल खाना वर्जित है।
  • पर्व त्यौहार-
  • मुहूर्त (Muhurt) –

“हे आज की तिथि ( तिथि के स्वामी ), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण,आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो “।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

pandit-ji
ज्योतिषाचार्य मुक्ति नारायण पाण्डेय
( हस्त रेखा, कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )


दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Translate »