Friday, September 18, 2020
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थायरॉइड के उपचार | थायरॉइड के आयुर्वेदिक इलाज

थायराइड के आयुर्वेदिक उपचार
Thyroid Ke Ayurvedic Upchar

बढ़ती उम्र में थाइराइड ( thyroid ) से बहुत बड़ी संख्या में लोग ग्रसित हो जाते है। थाइराइड ( thyroid ) अमूमन 35 वर्ष से ज्यादा उम्र वालो को होने की सम्भावना ज्यादा होती है और यह पुरुषो के मुकाबले स्त्रियों को अधिक होता है । थाइराइड में चिंता, घबराहट , चिड़चिड़ापन, बार बार शौच जाना, बालों की समस्या जैसे की बालो का टूटना, पतला होना और बालो का झड़ना, आँखे कमजोर होना आदि समस्याएं सामने आती है। कुछ घरेलु उपाय करके थाइराइड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है, थाइराइड से छुटकारा पाया जा सकता है ,
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hand logo एक कप पालक के रस में एक बड़ा चम्मच शहद और चुटकी भर जीरे का चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन रात को सोने से पहले सेवन करने से थायराइड रोग ( Thyroid Rog )में आशातीत रूप से आराम मिलता है ।

hand logo थाइराइड की समस्या ( Thyroid Ki Samsya ) होने पर फल, सलाद, तथा अंकुरित भोजन का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।

hand logo रात्रि में एक गिलास पानी में 2 चम्मच साबुत धनिये को भिगोकर रख दें तथा सुबह इसे मसलकर उबाल लें। जब या पानी चौथाई भर ही रह जाये तो इसे खाली पेट पियें ।इसके अतिरिक्त नित्य गर्म पानी में नमक डालकर गरारे किया करें । इससे थायराइड ( Thyroid ) रोग शीघ्र ही ठीक हो जाता है ।

hand logo थायराइड ( Thyroid ) के शिकार लोगों को दूध, दही और उनसे बने पदार्थों का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। दूध और दही में कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स की भरपूर मात्रा होने के कारण यह थायराइड से ग्रसित लोगो को ऊर्जा देते है उन्हें स्वस्थ बनाये रखते है । इसे थायराइड में लाभ ( Thyroid me Labh ) मिलता है ।

hand logo थाइराइड Thyroid की समस्या झेल रहे लोगो को प्रतिदिन अदरक का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। अदरक में पोटेशियम और मैग्नीश्यिम प्रचुर मात्रा में होता है जिससे थायराइड की समस्या में बहुत ज्यादा लाभ मिलता है। अदरक ना केवल थायराइड को बढ़ने से रोकता है वरन वह उसकी कार्यप्रणाली को भी सुधारता है ।

hand logo थायराइड Thyroid में आयोडीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । आयोडीन पर थायरायड की कार्यकुशलता निर्भर रहती है ।शोधों से यह पता चला है कि थाइराइड का मूल कारण आयोडीन की कमी भी है । इसीलिए केवल आयोडाईज्ड नमक का ही सेवन करना चाहिए ।

hand logo थाइराइड होने पर विटामिन – डी का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए । ऑटोइम्यून समस्या के कारण कम थायरोक्सिन बनना या अधिक थायरोक्सिन बनना दोनों ही अवस्थओं में विटामिन-डी का पर्याप्त मात्रा में अवश्य सेवन करना चाहिए । अंडे, मछली, दूध एवं मशरूम में भरपूर विटामिन डी होता है अत: इन पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए ।

hand logo थाइराइड के इलाज Thyroid ke ilaj में प्रोटीन का सेवन भी बहुत ही कारगर होता है । प्रोटीन हमारे शरीर के सभी अंगों में थायराइड हार्मोन के संचार में प्रमुख भूमिका निभाता है । प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा के लिए बादाम, अखरोट, अंडे, मछली और फलियाँ आदि का अवश्य ही प्रयोग करना चाहिए ।

hand logo थाइराइड की समस्या Thyroid ki samasya में मुलेठी का सेवन बहुत ही लाभदायक होता है। थायराइड के शिकार लोगो को समान्यत: बहुत जल्दी थकान लगने लगती है लेकिन मुलेठी में मौजूद तत्व ना केवल थायराइड ग्रंथी को ही संतुलित बनाए रखते हैं और वरन भरपूर उर्जा भी प्रदान करते हैं। यह थायराइड का अचूक उपचार ( Thyroid Ka achuk upchar ) है ।

hand logo थाइराइड होने पर साबुत / अंकुरित अनाजों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए । साबुत अनाजों में प्रोटीन, फाइबर, और विटामिन्स आदि की मात्रा अच्छी मात्रा में होती है जो थायराइड को बढ़ने से रोकते है ।

hand logo थायराइड की समस्या ( Thyroid Ki Samsya ) में फलों और सब्जियों का ज्यादा ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। फल और सब्जियों में एंटीआक्सिडेंटस होता है जो थायराइड को रोकता है । सब्जियों में फलियाँ, टमाटर, हरि मिर्च आदि का अधिक सेवन करें।

hand logo थाइराइड से पीड़ित लोगो को नित्य थोड़ी देर तक व्यायाम अवश्य ही करना चाहिए । नियंत्रित व्यायाम थाइराइड की दोनों ही अवस्थाओं में आवश्यक माना गया है। इससे ना केवल वजन ही नियंत्रित रहता है वरन थकान और तनाव से बचने में भी बहुत मदद मिलती है।

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