Home Hindi पर्व त्योहार शिव पूजा के चमत्कारी उपाय | Shiv Puja Ke Chamtkari Upay

शिव पूजा के चमत्कारी उपाय | Shiv Puja Ke Chamtkari Upay

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महाशिवरात्रि 

  • शिवरात्रि को अपनी सामर्थ्यानुसार दान अवश्य ही करना चाहिए । इस दिन किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, चीनी, घी, तिल, सफ़ेद वस्त्र और धन का दान करें।
  • शास्त्रों के अनुसार इस दिन दान करने से सभी जन्मो के पाप नष्ट होते हैं, पितरों का उद्दार होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन अनाज के दान से सुख समृद्धि, चीनी और घी के दान से मान सम्मान, ऐश्वर्य और पारिवारिक सुख, तिल के दान से आरोग्य , दीर्घायु एवं धन के दान से आकस्मिक आपदाओं से रक्षा होती है ।
  •  यदि आप काल सर्पदोष (Kalsarp Dosh) से पीड़ित है तो सावन के सोमवार / नाग पंचमी (Nag Panchami) / के दिन शिव मंदिर में शिवलिंग पर चांदी / ताम्बे के नाग को चढ़ा कर उसकी पूजा करें, पितरों का स्मरण करें तथा भगवान भोलेनाथ से अपने ऊपर काल सर्पदोष से मुक्ति (Kalsarp Dosh se Mukti) की प्रार्थना करते हुए श्रध्दापूर्वक बहते पानी में नागदेवता का विसर्जन करें। इससे काल सर्पदोष से छुटकारा मिलता है ।
  •  अपने मन की किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति हेतु सोमवार / महाशिवरात्रि के दिन (Shivratri Ke Din ) 21 बिल्वपत्रों पर सफ़ेद या पीले चंदन से ऊँ नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं एवं भगवान भोलेनाथ को एकमुखी रुद्राक्ष अर्पण करें। इससे जीवन में सुख और सफलता मिलती है सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है ।
  •  यदि आप मुक़दमे, कोर्ट कचहरी, शत्रुओं से परेशान है तो सावन के सोमवार / शिवरात्रि को अधिक से अधिक रुद्राष्टक का पाठ करें । शास्त्रों के अनुसार सावन के सोमवार / महाशिव रात्रि को रूद्राष्टक का पाठ करने से वाद विवाद, मुक़दमे में विजय (Mukadme Me Vijay)मिलती है । शत्रु परास्त होते है उनसे छुटकारा मिलता है ।
  •  दाम्पत्य जीवन में प्रेम (Damptya Jeevan Me Prem) और सहयोग बनाये रखने के लिए सोमवार के दिन भगवन शिव की पूजा आराधना करने के बाद किसी सुहागिन को सुहाग का सामान जैसे लाल साड़ी, लाल चूडिय़ां, लाल बिंदियाँ आदि उपहार में दे । इस उपाय को करने से भगवान शिव और माँ गौरा की कृपा से दाम्पत्य जीवन लम्बा और सुखमय होता है ।
  •  अगर घर का कोई सदस्य बीमार हो तो सावन के सोमवार (Sawan Ke Somvar) / शिवरात्रि के दिन (Shivratri ke Din) भगवान शिव की पूर्ण विधि विधान से पूजा करने के बाद महा मृत्युंजय के मन्त्र की 11 माला का जाप करें फिर प्रतिदिन एक माला अवश्य ही जपें । यदि संभव हो सके तो उस दिन शिवमंदिर में ही मृत्युंजय मन्त्र की माला जपे । इससे रोग दूर होकर आरोग्य एवं दीर्घ आयु प्राप्त होती है ।
  • भगवान शिव को बिल्व पत्र अत्यंत प्रिय है । शिवपुराण (Shivpuran) के अनुसार सावन के सोमवार /शिवरात्रि के दिन (Shivratri Ke Din) बिल्व पत्र के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर उन्हें जल चढ़ाकर वहाँ पर धूप अगरबत्ती अवश्य ही चढ़ाना चाहिए। इससे मनावांछित इच्छाएँ पूर्ण होती है।
Amit Pandit ji
ज्योतिषाचार्य डॉ० अमित कुमार द्धिवेदी
कुण्डली, हस्त रेखा, वास्तु
एवं प्रश्न कुण्डली विशेषज्ञ

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