Wednesday, December 2, 2020
Home Hindi तिल विचार अपना भाग्य कैसे चमकाएं

अपना भाग्य कैसे चमकाएं


भाग्य चमकाने के नित्य कर्म

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका जीवन, उसका प्रत्येक दिन शुभ और सौभाग्यशाली हो । ऐसा माना जाता है कि दिन की शुरुआत अच्छी हो तो पूरे दिन सब अच्छा ही अच्छा होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमारे ऋषि मुनियों ने प्राचीन समय से ही कुछ अचूक परंपराएं बनाई हैं जिन्हे नियमित रूप से करने पर चमत्कारी रूप से शुभ फल प्राप्त होते हैं, जीवन मे सौभाग्य अपने आप खिंचा चला आता है। आप भी इन कामों को रोज सुबह-सुबह करके दिन भर भाग्यशाली बने रह सकते हैं…

नियमपूर्वक भगवान का दर्शन करें-

प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रुप से अपने घर के मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं के दर्शन अवश्य ही करने चाहिए। घर से बाहर निकलने से पहले इनके सामने अपने कार्यों में सफलता की प्रार्थना करने से व्यक्ति का पूरा दिन शुभ रहता है। हमारे देवताओं की शुभदृष्टि भी बनी रहती है।

माता-पिता, बड़ो का आशीर्वाद अवश्य लें –

प्रतिदिन घर से निकलने से पहले व्यक्ति को अपने माता-पिता और घर के बड़ो का आशीर्वाद अवश्य ही लेना चाहिए। जिन लोगों से उनके माता-पिता, बड़े बुजुर्ग प्रसन्न रहते हैं, उन पर सदैव प्रभु कृपा बरसती रहती हैं। लेकिन उन्हें दुख देने वाले कभी भी सुख-शान्ति प्राप्त नहीं कर पाते हैं। अत: घर से बाहर जाते समय माता-पिता और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना कभी भी नहीं भूलना चाहिए। माता-पिता, बुजुर्गो के आशीर्वाद से सभी संकट टल जाते हैं और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है ।

तुलसी का पूजन एवं सेवन करें –

हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार तुलसी को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है और यह सामान्यत: हर व्यक्ति के घर में होता है। मान्यता है की जिस घर में तुलसी का नित्य पूजन होता है वहां महालक्ष्मी का स्थाई वास रहता है। उस घर में किसी भी प्रकार क आर्थिक संकट नहीं रहता हैं। इसके अतिरिकत तुलसी के औषधीय गुणों के कारण इसके पत्तों का सेवन करने से बहुत से रोगों से भी रक्षा होती है। इसलिए तुलसी के नित्य पूजन एवं सेवन करने के बाद घर से प्रस्थान करें दिन स्फूर्ति और लाभ से भरा रहेगा।

मीठा दही खाकर निकलें –

हमारे यहाँ बहुत प्राचीन समय से यह परंपरा चली आ रही है कि घर से बाहर दही का सेवन करके ही निकलना चाहिए। चूँकि दही को पवित्र माना जाता है, इसका पूजन सामग्री में भी उपयोग होता है अत: इसका सेवन करके प्रस्थान करना बहुत ही शुभ माना गया है। दही खाने से विचार भी सकारात्मक होते हैं। हाँ यह ध्यान रहे की दही बहुत ही खट्ठा और कसैला ना हो मीठा हो और यह यदि अपनी माँ, पत्नि या बहन के हाथोँ से सेवन किया जाय तो बहुत ही उत्तम है ।

घर से बाहर निकलते समय पहले सीधा पैर बाहर रखें –

हमारे शास्त्रों के अनुसार यदि कोई भी धार्मिक कर्म सीधे हाथ से किए जाएं तो बहुत शुभ माना जाता है। इसी तरह किसी भी कार्य की शुरुआत सीधे हाथ, सीधे पैर को आगे बढ़ाकर की जाए तो सफलता मिलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। घर से निकलने से पहले सीधा पैर बाहर रखने से शुभ शकुन होता है,कार्यों के प्रति सकारात्मक सोच भी बनती है।अत: घर से बाहर जाते समय सीधा पैर बाहर निकालने से सफलता मिलने के योग बड़ जाते है ।

तो बस तैयार हो जाइये ऊपरोक्त को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हुए अपने दिन अपने जीवन में हर्ष, उल्लास एवं सफलता को प्राप्त कीजिये ।

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Tips/Remedies For Debt Relief

Friends, it has been emphasized time and again and also finds mention in our scriptures that as far as possible, a person...

हनुमान जी की पूजा , हनुमान जी की पूजा के नियम

हनुमान जी की पूजा | हनुमान जी की पूजा के नियमहनुमान जी कलयुग के साक्षात् देव कहे...

बसंत पंचमी का महत्व | बसंत पंचमी कैसे मनाएं

माघ शुक्लपक्ष पंचमी के दिन वसंत पंचमी Basant Panchmi बड़े ही हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है । हिन्दू धर्म...

शरद पूर्णिमा के उपाय Sharad purnima ke upay

Sharad purnima ke upay, शरद पूर्णिमा के उपाय,हिन्दु धर्म शास्त्रो मे शरद...
Translate »