Saturday, June 12, 2021
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स्वाइन फ्लू के उपचार | स्वाइन फ्लू में सावधानियां

स्वाइन फ्लू के उपचार
Swine Flu Ke Upchar

hand-logo स्वाइन फ्लू ( Swine Flue ) से बचने के लिए महीने में एक या दो बार गोली के आकार का कपूर का टुकड़ा लें । इसे पानी के साथ निगल सकते हैं और छोटे बच्चों को यह केले के साथ मलकर दे सकते हैं । लेकिन ध्यान रहे कपूर को महीने में एक या दो बार ही लें।

hand-logo स्वाइन फ्लू ( Swine Flue ) के इलाज के लिए थायमॉल, मेंथॉल, कैंफर (कपूर) को बराबर मात्रा में मिला कर ‘यू वायरल’ का घोल तैयार करें । इसके घोल की बूँदों को अगर रुमाल या टिश्यू पेपर पर डालकर सूंघिए, तो स्वाइन फ्लू के वायरस असर नहीं करेंगे और भीड़ में मास्क पहन कर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

hand-logo नित्य नहाने के बाद तुलसी की पत्तियाँ को धोकर उनका सेवन करें । तुलसी गले और फेफड़े को साफ रखती है इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हर तरह के संक्रमण से भी बचाव होता है ।

hand-logo सुबह शाम चौथाई ग्राम गिलोय सत को एक गिलास पानी के साथ लें ।

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hand-logo गिलोय बेल की डंडी को पानी में उबालकर उसे छान कर पियें ।

hand-logo तुलसी के पत्ते , कालीमिर्च , अदरक को उबाल कर उसे छानकर पिएं । दिन भर सामान्य जल की जगह तुलसी के पत्ते वाला गुनगुने जल का ही सेवन करें।

hand-logo स्वाइन फ्लू ( Swine Flue ) में हल्दी विशेष लाभकारी है। हल्दी के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है , रोग के जीवाणु नष्ट होते है । नियमित रूप से हल्दी युक्त दूध का सेवन करें अथवा तुलसी पत्र , सेंधानमक, हल्दी, पानी में उबालकर पीना उसे पिए ।

hand-logo सुबह शाम आधे चम्मच आँवले के पाउडर को आधे कप पानी में मिलाकर पिए, इससे भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है ।

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hand-logo एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपचार बताया जाता है। जिस शहर में स्वाइन फ्लू फैला हो वहाँ के निवासी 5-5 ग्राम देशी कपूर और छोटी ईलायची को लेकर इन दोनों को कूट कर साफ सूती कपड़े में बांधकर छोटी सी पोटली बना लें। इस पोटली को अपने पास रखें और हर 1-2 घंटे में तीन चार बार लम्बी साँस लेते हुए सूंघते रहें! इससे स्वाईन फ्लू के कीटाणु पनप नहीं पाते है!

hand-logo स्वाइन फ्लू ( Swine Flue ) में त्रिभुवन कीर्ति रस या संजीवनी वटी या भूमि आँवला लें । यह किसी भी आयुर्वेद की दुकान में मिल जाएगी और स्वाइन फ्लू के जीवाणुओं को पनपने नहीं देती है ।

hand-logo बुखार होने पर अग्निकुमार रस की दो दो गोली दिन में 3 बार ले सकते है ।

hand-logo स्वाइन फ्लू से बचने के लिए किसी भी होम्योपैथिक की दुकान से सल्फर 200 की 4-5 बूँदे सुबह शाम 5 दिन तक लें । इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और समय से लेने पर स्वाइन फ्लू नहीं होता है ।

जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण

इस साइट के सभी आलेख शोधो, आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है। किसी भी बीमारी में आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें,असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी ।

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