Tuesday, January 31, 2023
Home Hindi तिल विचार तुलसी के अचूक उपाय, tulsi ke achuk upay,

तुलसी के अचूक उपाय, tulsi ke achuk upay,

तुलसी के अचूक उपाय, tulsi ke achuk upay,

जो जातक रविवार, संक्रांति, ग्रहण को छोड़कर नित्य सुबह तुलसी, tulsi पर जल चढ़ाता है, “ॐ तुलस्यै नमः॥” का जाप करता है एवं सांय को तुलसी पर दीपक जलाता है, उस घर परिवार पर भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है।
उसे जीवन के सभी सुखो की प्राप्ति होती है, उसके पाप नष्ट होते है, पुरखो को स्वर्ग में स्थान मिलता है, सन्तान संस्कारी, आज्ञाकारी होती है, उसके घर से सभी संकट कोसो दूर रहते है।

Tags :- तुलसी के चमत्कारी उपाय, तुलसी के आसान उपाय, तुलसी के टोटके, तुलसी के टिप्स ,तुलसी से लाभ, तुलसी के पत्ते, तुलसी के अचूक उपाय, tulsi ke chamtkari upay , tulsi ke asan upay ,tulsi ke totke , tulsi ke tips, tulsi se labh, tulsi ke pate, Tulsi ke achuk upay,

तुलसी के अचूक उपाय, tulsi ke achuk upay,


* हिन्दु धर्मशास्त्रों में तुलसी के आठ नाम बताए गए हैं- वृंदा, वृंदावनि, विश्व पूजिता, विश्व पावनी, पुष्पसारा, नन्दिनी, तुलसी और कृष्ण जीवनी। सुबह तुलसी में जल चढ़ाते समय इनका नित्य नाम लेने जातक को जीवन में कोई भी संकट कोई आभाव नहीं रहता है । उसे सभी तरह के भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है । 

एकादशी की साँय प्रदोष काल में जो जातक तुलसी पर दीपक जलाकर उसकी परिक्रमा करता है उस पर भगवान श्री विष्णु और माँ लक्ष्मी की असीम कृपा बनी रहती है। उसके घर परिवार में प्रेम और सहयोग रहता है, अन्न धन की कभी कोई भी कमी नहीं रहती है ।

अवश्य पढ़ें :-  अगर धन की लगातार परेशानी रहती है, धन नहीं रुकता हो, सर पर कर्ज चढ़ा तो अवश्य करें ये उपाय

एक गमले में एक पौधा तुलसी ( Tulsi ) का तथा एक पौधा काले धतूरे का लगायें। इन दोनों पौधों पर प्रतिदिन स्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।  ऐसा करने से व्यक्ति को  ब्रहमा, विष्णु, महेश, इन तीनों की संयुक्त पूजा फल मिलता है।  
क्योंकि तुलसी विष्णु प्रिया है,  काला धतूरा शिव रूप है एंव तुलसी की जड़ो में भगवान ब्रहमा का निवास स्थान माना गया है।

* तुलसी के पत्ते बहुत ही पवित्र माने जाते है । यह हमारे जल एवं भोजन को शुद्ध और पवित्र करते हैं। इसीलिए किसी भी सूर्य या चंद्र ग्रहण के समयजल एवं  भोजन में तुलसी के पत्ते डालें जाते हैं।

* हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार इंसान की मृत्यु के बाद उस शव के मुख में तुलसी के पत्ते डाले जाते हैं। मान्यता है कि इससे मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

* अगर आपको लगता है कि लाख प्रयास के बाद भी आपका व्यापार उन्नति नहीं कर पा रहा है तो आप किसी भी गुरुवार को श्यामा तुलसी के चारो ओर उग आई खर पतवार को किसी पीले वस्त्र में बांधकर अपने व्यापार स्थल में किसी साफ जगह रख दें, व्यापार में गति आ जाएगी । 

* किसी भी शुभ मुहूर्त में तुलसी की जड़  लाएं । रविवार या गुरुवार को जब पुष्य नक्षत्र हो तो उस दिन उस जड़ को गंगा जल से धोकर, धूप दीप दिखाकर, तिलक लगाकर पूजा करके पीले कपड़े में लपेटकर अपने दाहिने हाथ में बांध लें इस आसान उपाय से व्यक्ति का तेज बढ़ता है, कार्यों में सफलता की सम्भावना बढ़ जाती है, अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहता है।
   
* अगर किसी व्यक्ति की संतान बहुत ज्यादा जिद्दी हो, बड़ो का कहना ना मानती हो तो उसे घर के पूर्व दिशा में रखे तुलसी के पौधे के तीन पत्ते रविवार को छोड़कर प्रतिदिन किसी भी तरह अवश्य ही खिलाएं, सन्तान का व्यवहार सुधरने लगेगा ।
ऐसी भी मान्यता है कि यदि पूर्व दिशा में खिड़की के पास तुलसी का पौधा रखा जाए तो भी संतान आज्ञाकारी होती है। 

* यह भी माना जाता है कि यदि आपकी कन्या का विवाह नहीं हो रहा हो तो कन्या तुलसी के पौधे को घर के दक्षिण-पूर्व में रखकर उसे नियमित रूप से जल अर्पण करें। इससे भी शीघ्र ही योग्य वर की प्राप्ति होती है ।

अगर पश्चिम मुख का है आपका घर तो ऐसा रहना चाहिए आपके घर का वास्तु, जानिए पश्चिम दिशा के अचूक वास्तु टिप्स 

* तुलसी का पौधा किचन के पास रखने से घर के सदस्यों में आपसी प्रेम, सामंजस्य बना रहता है। 

* नवीन गृह में तुलसी का पौधा, देवता का चित्र, गौमूत्र, गंगाजल, और पानी का कलश लेकर घर के अंदर प्रवेश करना चाहिए । इससे घर में सदैव सुख शांति, प्रसन्नता का वातावरण बना रहता है, घर में धन की कभी भी कमी नहीं रहती है। 

* घर से निकलने से पूर्व तुलसी के दर्शन करना बहुत ही शुभ एवं सफलता की निशानी माना जाता है। 

* प्रतिदिन दही के साथ चीनी और तुलसी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही शुभ माना गया है। तुलसी के पत्तों का घर से निकलते समय सेवन करने से कार्यों में कोई भी संकट नहीं आते है ।  

* तुलसी का पत्तों के नित्य सेवन करना बहुत ही पुण्यदायक लाभदायक माना जाता है। लेकिन ध्यान रहे कि उसे दाँतों के बीच चबाना नहीं चाहिए।   

अवश्य पढ़ें :-  आँखों की रौशनी बढ़ाने, आँखों से चश्मा उतारने के लिए अवश्य करें ये उपाय

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

रत्नो का मेल

रत्नो का आपसी सम्बन्धरत्न हम मनुष्यों को आदि काल से ही अपनी तरफ आकर्षित करते रहे है...

दिवाली के दिन क्या करें, diwali ke din kya karen, diwali 2022,

दिवाली के दिन क्या करें, diwali ke din kya karen, diwali 2022,दीपावली Deepavali...

How To Get Success in Business

Tips And Remedies For Business Improvement21. Distributing Jaggery and Yellow oven cooked grams to the poor...

जगन्नाथपुरी धाम |Jagannath Puri Dham

जगन्नाथपुरी धामJagannath Puri Dhamहिन्दुओं के चार धामों में से एक गिने जाने वाला यह तीर्थ पुरी, ओड़िसा में...
Translate »