Tuesday, April 20, 2021
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जवान रहने का उपाय, javan rahne ka upay,

जवान रहने का उपाय, javan rahne ka upay,

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में नित्य नयी परेशानियाँ सामने आने लगती है, शरीर की कार्य क्षमता कम होती जाती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट हो जाती है । जिन लोगो को पेट संबंधी बीमारियों लगी रहती है जल्दी थकावट हावी हो जाती है,जो लोग लंबे समय तक बिलकुल फिट रहना चाहते है, शरीर में अश्व के समान बल चाहते है उनके लिए एक नायाब जवान रहने का उपाय, javan rahne ka upay, है त्रियोग ( triyog ) ।
जानिए जवान रहने का उपाय, Javan rahne ka upay, जवान रहने का नुस्खा, Javan rahne ka nuskha

त्रियोग ( triyog ) प्रकृति की दी हुई तीन अनमोल चीजों का योग है जो मैथीदाना, अजवाइन और काली जीरी के निश्चित अनुपात से बनता है। यह तीनों चीजें समान्यता हर घर में आसानी से मिल जाती हैं और इन तीनो में ही चमत्कारी औषधीय गुण होते है। इस त्रियोग के सेवन से शरीर में उम्र का असर नहीं होता है, शरीर से बीमारियाँ दूर होती है पूरे शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति का संचार होता है ।

* मेथी दाना में भरपूर औषधीय गुण होते है, यह हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। मैथीदाना उत्तम स्वास्थ्य और शक्ति का भण्डार है । मेथीदाना के नित्य सेवन से मधुमेह से मुक्ति मिलती है, यह ह्रदय के लिए बहुत उपयोगी है, इसके सेवन से शरीर में बैड कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।

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मेथीदाना बालो और त्वचा के लिए अमृत है। इसके सेवन से बालो का झड़ना बंद होता है बाल काले और त्वचा चमकदार रहती है। मेथी के दानों के सेवन से पेट संबंधित सभी बीमारियाँ शरीर से दूर होने लगती हैं, पाचन क्रिया ठीक रहती है।

* मेथीदाना के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है, किडनी सही रहती है। मेथी दाना पुरुषों की कामेच्छाओं को काफी स्तर तक बढ़ाता है। मेथीदाना उम्र का असर रोकती है, मेथी दाने के सेवन से हर उम्र की महिला के शारीरीक स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। यह महिलायों की समस्याओं जैसे मासिक धर्म में अनियमितता, रजोनिवृत्ती आदि को दूर करती है।

* अजवाइन का प्रयोग पूरे भारत में मसाले के रूप में होता है इसके प्रयोग से सब्जी स्वादिष्ट बनती है। अजवाइन को घर का डॉक्टर भी कहा जाता है । अजवाइन हमारे पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है, इसके सेवन से पाचन तंत्र सही काम करता है।

अजवाइन गैस, बदहजमी और पेट दर्द में रामबाण औषधि है। अजवाइन के सेवन से सर्दी, जुकाम और खाँसी भी दूर रहती है। यह कील मुहाँसो और गठिया में भी बहुत लाभदायक है। अजवाइन के सेवन से अस्थमा में भी बहुत आराम मिलता है।

चरक संहिता में कहा गया है कि —-

विषघ्नी च सोमराजी विपाचिता॥

चरक संहिता के अनुसार शरीर में कैसा भी विष हो काली जीरी उसको सफलता पूर्वक नष्ट कर देती है।

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* कालीजीरी एक औषधीय पौधा है और बहुत सी बीमारियों को दूर करने में सहायक सिद्ध होता है। काली जीरी आकार में छोटी और स्वाद में तेज, तीखी और कडुवी होती है। यह कफ, वात को नष्ट करके मन, मस्तिष्क को उत्तेजित करती है। यह कब्ज पेट की बीमारियों में रामबाण औषधि है। काली जीरी के सेवन से पेट के कीड़े नष्ट होते हैं और खून भी साफ होता है।

* इसके सेवन से त्वचा के रोगों से निजात मिलती है, काली जीरी मूत्र की मात्रा और वेग को बढ़ाती है। इसके नित्य सेवन से शरीर ऊर्जावान बनता है, शक्ति का संचार होता है।

* मैथीदाना 250 ग्राम, अजवाइन 100 ग्राम और काली जीरी ( जीरा नहीं ) 50 ग्राम लेंकर इन तीनों को हल्का गरम करके / भून कर बारीक पीस कर चूर्ण बना लें। भूनने से पहले काली जीरी को अच्छी तरह से साफ कर लें । फिर इस चूर्ण को किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद कर लें ।

अब इस चूर्ण को नित्य रात्रि में सोने से थोड़ी देर पहले एक चम्मच की मात्रा में हलके गर्म पानी के साथ लें, इसके नियमित सेवन से बहुत ही चमत्कारी परिणाम प्राप्त होते है।

* 5-7 दिन में ही इसके परिणाम दिखने लग जाते है। इसका कम से कम 3 माह तक लगातार सेवन अवश्य ही करना चाहिए।

* इसके सेवन से उम्र का असर रुक जाता है, शरीर में नयी ऊर्जा, नयी चेतना, नए बल का संचार होता है।

* एक माह में ही शरीर में चमक आने लगती है थकावट , आलस दूर होती है ।

* लगातार तीन महीने लेनें पर शरीर से बहुत सी बीमारियाँ दूर होती है ।

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* अगर इसका छह माह तक लगातार सेवन किया जाय तो शरीर का काया कल्प हो जाता है। साठ साल का वृद्ध भी पच्चीस तीस वर्ष का लगने लगता है। शरीर की कार्य क्षमता बहुत बढ़ जाती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है कोई भी रोग निकट भी नहीं आता है ।

मेथीदाना, अजवाइन और काली जीरी के त्रियोग से लाभ :-

* त्रियोग के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है ।

* इसके नित्य सेवन से शरीर में रक्तसंचार बढ़ जाता है ।

* इसके सेवन से कुछ ही समय के बाद शरीर में थकान नहीं होती है,यौन शक्ति बढ़ती है, शरीर में असीम बल आ जाता है।

* यह त्रियोग मधुमेह का नाशक माना जाता है, इसके सेवन से मधुमेह पूरी तरह से नियंत्रण में रहती है।

* इसके सेवन से दिमाग तेज रहता है, स्मरण शक्ति बढ़ जाती है।

* इसके सेवन से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं। यह गठिया, जोड़ो का दर्द दूर होता है ।

* यह त्रियोग ह्रदय के लिए अत्यंत लाभदायक है, यह हृदय की कार्य क्षमताको बढ़ाता है।

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* इसके लगातार सेवन से आँखों की रोशनी बढ़ती है कुछ ही समय में आँखों से चश्मा भी उतर जाता है।

* इसके निरन्तर सेवन से बालों का विकास होता है, बालो का टूटना, झड़ना, असमय सफ़ेद होना बंद होता है।

* यह त्रियोग के सेवन से त्वचा सम्बन्धी रोग नहीं होते है , त्वचा में चमक आती है ।

* इस त्रियोग के नियमपूर्वक निश्चित मात्रा में प्रयोग करने से यह शरीर के लिए अमृत का काम करता है जातक अपनी उम्र से काफी कम नज़र आता है ।

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