Saturday, July 24, 2021
Home Hindi पर्व त्योहार प्रेम का प्रतीक बसंत पंचमी, prem ka divas basant pachmi,

प्रेम का प्रतीक बसंत पंचमी, prem ka divas basant pachmi,

प्रेम का दिवस बसंत पंचमी, prem ka divas basant pachmi,

बसंत ऋतु, बसंत पंचमी का पर्व, basant panchmi ka parv, हर्ष और उल्लास का प्रतीक है। वसंत ऋतु, basant ritu, आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है, ना केवल, मनुष्य वरन पशु-पक्षी पेड़-पौधे सभी उल्लास से भर जाते हैं। वसंत का मतलब है कि अब सर्दियां खत्म हुई और फलने-फूलने का मौसम आ गया है। आम के वृक्ष पर बौरों लगने लगती है ।

होली के लिए आज ही के दिन प्रतीक स्वरूप पेड़ लगा दिया जाता है ।  वृंदावन और बरसाना की गलियों में राधा और कृष्ण के प्रेम और रासलीलाओं का चित्रण आँखों के सामने आ जाता है। बसंत पँचमी Basant Panchmi के दिन पहली बार गुलाल भी उड़ाया जाता है।
आज का दिन नाचने गाने का, सब से प्रेम और जोश से बात करने का, खुश होने और खुशियों को बाँटने का दिन है।

अवश्य पढ़ें :-  अगर धन की लगातार परेशानी रहती है, धन नहीं रुकता हो, सर पर कर्ज चढ़ा तो अवश्य करें ये उपाय

आज के दिन प्रसन्न होने में बिलकुल भी कंजूसी ना करें । मान्यता है की बसंत पँचमी Basant Panchmi के दिन हर्ष उल्लास से, ऊर्जा से प्रेम से व्यवहार करने वाले जातक के जीवन में हर तरफ से प्रसन्नता दौड़ी चली आती है । मित्रता के लिए, प्रेम के इजहार के लिए बसंत पँचमी Basant Panchmi से अच्छा कोई दूसरा दिवस नहीं है।

बसंत पँचमी Basant Panchmi का दिन भारत का वैलेंटाइन डे है, जो की बहुत प्राचीन काल से मनाया जाता है। आज प्रेम के देवता कामदेव की पूजा भी की जाती है। प्राचीन काल में बसंत पंचमी के दिन प्रेम के प्रतीक पर्व के रूप में कामोत्सव, मदनोत्सव, मनाया जाता था। यह दिन प्रेम का, प्रणय का, अपनी दिल की बात रखने का माना जाता था ।

अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते है, या अपने किसी मित्र से अपनी गलती की क्षमा माँगना चाहते है तो उसे अपने मन की बात तुरंत कह दें।

अगर संभव हो तो आप उन्हें कोई भी उपहार चाहे वह फूल ही क्यों ना हो अवश्य ही भेटं करें। आज के दिन का अवसर ना गंवाए कुछ ना कुछ बोलें अवश्य, अच्छा बोले, सच्चे ह्रदय से बोले आपकी मनोकामना, आपकी इच्छा अवश्य ही पूर्ण होगी । अपनी भावनाओं को छुपाएँ नहीं । लेकिन ध्यान रहे की ऐसा कुछ ना करें जिससे किसी को ठेस लगे, क्रोध या कटु वचन तो बिलकुल भी भूल जाएँ ।

अवश्य जानिए :-माँ लक्ष्मी की कृपा चाहिए तो अवश्य करें नित्य श्री सूक्त का जाप, करें श्री सूक्त का जाप हिंदी में सिर्फ 5 मिनट में

बसंत पंचमी Basant Panchmi के दिन आप अकेले तो बिलकुल भी ना रहे। किसी के आने का इन्तज़ार ना करें खुद अपने प्रियजनों के, मित्रों के पास जाएँ या कम से कम उन्हें फोन तो अवश्य ही करें। आज के दिन का एक पल भी व्यर्थ ना गवाएँ ।
इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपना काम ( पढ़ाई, नौकरी, व्यापार ) छोड़ दें लोगो से ही मिलें , वरन आप अपने सभी कार्य पूरे जोश से, लगन से, ईमानदारी से करें ।

आज के दिन आप अपने प्रियजन चाहे वह आपके परिजन, मित्र, सहपाठी, सहकर्मी, पत्नी या गुरु जो भी हों उन सभी को पूर्ण सम्मान दें, उन सभी से प्रेम से बोलें ।
आज के दिन किसी विष्णु / कृष्ण मंदिर में में अपनी वाणी में मधुरता, लोकप्रियता और अपने प्रेम की सफलता के लिए पीले फूल एवं इत्र अवश्य ही चढ़ाएँ ।

आज के दिन अपने प्रिय मित्र / सम्बन्धी को लाल,गुलाबी,पीले और सुनहरे पीले रंग की वस्तुओं को उपहार में देना अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

आज के दिन आप अपने प्रिय मित्र / सम्बन्धी को पीले फूल,लाल गुलाब ( ध्यान रहे गुलाब में काँटे नहीं हो ) कोई अच्छी चॉकलेट या कोई भी सुगन्धित इत्र भेटं करें तो अति उत्तम है ।

बसंत पंचमी Basant Panchmi के दिन घर में पीले मीठे चावल बनायें जिसमें अपनी सामर्थ्यानुसार मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश, नारियल, इलाइची, केवड़ा आदि भी अवश्य ही डालें ।

इस मीठे पुलाव को सबसे पहले घर के मंदिर में भगवान को भोग लगाएं फिर प्रेम पूर्वक परिवार के सभी सदस्य इसे ग्रहण करें । इससे प्रभु के आशीर्वाद से परिवार में अटूट प्रेम बना रहता है घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है ।

अवश्य पढ़ें :-  कैसा भी सिर दर्द हो उसे करें तुरंत छूमंतर, जानिए सिर दर्द के अचूक उपाय

बसंत पंचमी Basant Panchmi के दिन पीले वस्त्र धारण करे और घर के मंदिर में स्थापित ( भगवान कृष्ण / विष्णु जी ) देवी देवताओं को भी पीले वस्त्र अर्पित करें ।
बसंत पंचमी के दिन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण / विष्णु जी को पीले फूलो की माला चढ़ाकर इत्र भेंट करने से प्रेम में सफलता मिलती है, घर के सदस्यो के मध्य स्नेह बना रहता है, दाम्पत्य जीवन सुखमय बनाता है।

बसंत पंचमी के दिन स्त्रियों / कन्याओं को पीले वस्त्र, पीली चूड़ियाँ पहननी चाहिए , पीले पुष्प से श्रृंगार करना चाहिए इससे जीवन में प्रसन्नता और सौभाग्य आता है ।

बसंत पंचमी के दिन प्रेम के देवता कामदेव की पूजा भी अवश्य करनी चाहिए । हिन्दू धर्म ग्रंथों में कामदेव को प्रेम और अकार्षण का देवता कहा जाता है। कामदेव को मनुष्यों में कामेच्छा उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी माना गया हैं। बसंत पंचमी के दिन कामदेव के मन्त्र का भी जप अवश्य ही करे ।

अवश्य पढ़ें :-  अगर लाख चाहने के बाद भी पढ़ाई में मन ना लगे, एकाग्रता भंग होती हो तो करें ये उपाय

कामदेव का मन्त्र :- “ऊँ कामदेवाय विद्महे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात‍्।”

बसंत ऋतू में कामदेव के उपरोक्त मन्त्र का नित्य जाप करने से,
सम्मोहन शक्ति जाग्रत होती है,
सामने वाला व्यक्ति जातक के प्रति आकर्षित होता है,
शरीर हर्ष से प्रफुल्लित रहता है,
जातक सर्वत्र लोकप्रियता प्राप्त करता है ।
इस मंत्र से प्रेम में सफलता ,
सुयोग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है,
दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है ।

बसंत पंचमी, basant pachmi, बसंत पंचमी 2021, basant pachmi 2021, प्रेम का प्रतीक बसंत पंचमी, prem ka pratik basant pachmi, प्रेम का दिवस बसंत पंचमी, prem ka divas basant pachmi, कामोत्सव, kamotsav, मदनोत्सव, madnotsav,

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन न केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

प्रेम संबंधो में फैंगशुई के उपाय, feng shui ke upay,

फैंगशुई के प्रेम के उपाय, feng shui ke prem ke upay,अपने दाम्पत्य जीवन में प्रेम,विश्वास और सहयोग के...

रक्षाबंधन के उपाय, Raksha bandhan ke upay,

रक्षाबंधन 2020, Rakshabandhan 2020भाई बहन के निश्छल प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन ( Raksha Bandhan ) के पर्व...

गंडमूल नक्षत्र

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्रों में से छ: नक्षत्र ऎसे होते हैं जिन्हें गंडमूल नक्षत्र कहा जाता है. यह नक्षत्र दो...

कार्तिक पूर्णिमा | कार्तिक पूर्णिमा का महत्त्व

कार्तिक पूर्णिमा Kartik Purnimaसृष्टि के प्रारम्भ से ही कार्तिक पूर्णिमा Kartik Purnima की तिथि...
Translate »