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गृह शांति के उपाय, grah shanti ke upay

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Pita santan ke sambandh sudharne ke upay,

पिता संतान के सम्बन्ध सुधारने के उपाय,

हर व्यक्ति चाहता है कि उसके परिवार में प्रेम और सहयोग रहे, विशेषकर उसकी संतान से उसका अच्छा तालमेल बना रहे । ग्रह शांति के उपाय ( grah shanti ke upay )को अपनाकर हम अपने घर को स्वर्ग बना सकते है ।
पिता संतान का रिश्ता बहुत ही नजदीकी और विचारो से बंधा होता है हर पिता का सपना होता है कि उसकी संतान सफल हो, समाज में आगे रहे और पुत्र / पुत्री माँ से चाहे जितना लाड़ कर ले लेकिन पिता के प्रति उसके मन में आदर का ही भाव होता है । आजकल परिवार में पिता पुत्र / पुत्री के बीच में भी बहुत विरोध हो जाते है इससे परिवार में शांति भंग होने के साथ साथ और भी बहुत सी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है कई बार तो परिवार में विघटन की स्थिति भी आ जाती है इससे बचने के लिए कुछ बहुत ही अचूक उपाय बताए जा रहे है, जानिए ग्रह शांति के उपाय, परिवार में प्रेम और सहयोग के उपाय,

पिता संतान का रिश्ता बहुत ही नजदीकी और विचारो से बंधा होता है हर पिता का सपना होता है कि उसका पुत्र सफल हो, समाज में आगे रहे और पुत्र / पुत्री माँ से चाहे जितना लाड़ कर ले लेकिन पिता के प्रति उसके मन में आदर का ही भाव होता है । आजकल परिवार में पिता पुत्र / पुत्री के बीच में भी बहुत विरोध हो जाते है इससे परिवार में शांति भंग होने के साथ साथ और भी बहुत सी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है कई बार तो परिवार में विघटन की स्थिति भी आ जाती है इससे बचने के लिए कुछ बहुत ही अचूक उपाय बताए जा रहे है,

  • यदि पिता की और से नाराजगी है तो पुत्र / पुत्री रविवार को सवा किलो गुड़ बहते हुए पानी में प्रवाहित करे …उसे ऐसा लगातार तीन रविवार को करना है । पिता की नाराज़गी जल्दी दूर हो जाएगी ।
  • पुत्र / पुत्री को नियमित रूप से गुड़,लाल फूल मिलाकर जल सूर्य देव को अर्पित करना चाहिए। पिता का स्नेह पुन: पुत्र / पुत्री पर बन जायेगा ।
  • रविवार को पुत्र / पुत्री यदि अपने पिता को कोई भी लाल रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पिता का पुत्र / पुत्री से विरोध ख़त्म हो जायेगा ।
  • यदि पुत्र / पुत्री की पिता से न बन रही हो तो अमावस्या,या ग्रहण के दिन पुत्र / पुत्री पिता के जूतों से पुराने मोज़े निकाल कर उनमें बिलकुल नए मोज़े रख दे, ऐसा करने से दोनों के बीच चल रहा गतिरोध अवश्य ही दूर हो जाएगा।
  • यदि पुत्र / पुत्री रुष्ट है तो पिता प्रत्येक शनिवार को सुबह पीपल में मीठा जल एवं शाम को सरसों के तेल का दीपक जलायें या सरसों के तेल की धार अर्पित करें तो बहुत ही जल्दी पिता पुत्र / पुत्री के मध्य अवरोध ख़त्म हो जायेगा ।
  • शनिवार को पिता यदि अपने पुत्र / पुत्री को कोई भी नीले रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पुत्र / पुत्री का पिता से मतभेद समाप्त हो जाता है ।
  • वास्तु अनुसार घर के उत्तर-पूर्व दिशा ( ईशान कोण ) का ऊँचा होना, भारी होना, कटा होना, गन्दा होना आदि से पिता पुत्र / पुत्री के सम्बन्धो में टकराव होता है,सन्तान मनमाना आचरण करने लगती है। अत: घर के ईशान कोण को को साफ-सुथरा रखें , इससे घर में होने वाली कलह से छुटकारा मिलता है परिवार में सुख-शांति रहती है।
  • यदि गुरु ग्रह की अशुभता के कारण पुत्र से विवाद चल रहा है, तो पिता को अपनी नाभि पर केसर लगाना चाहिए ।
  • बहन भाइयों के बीच में झगड़ा या मनमुटाव हो तो मंगलवार को सवा किलो गुड जमीन में दबाएँ ….सम्बन्ध अच्छे हो जायेंगे ।
  • यदि किसी महिला का ससुर उससे नाराज रहता हो तो वह महिला प्रतिदिन जल में गुड़ मिलाकर सूर्यदेव को अध्र्य दे तो उसकी यह समस्या दूर हो जाती है।
  • किसी महिला का उसकी सास के साथ झगड़ा होता रहता हो तो वह स्त्री पूर्णिमा की रात में खीर बनाकर चंद्रमा की किरणों में रखे और फिर वह खीर अपनी सास को खिला दे। सास-बहू में बनने लगेगी।
  • यह कुछ ऐसे छोटे छोटे और सहज उपाय है जिनको अपनाकर हर व्यक्ति अपने परिवार में प्रेम और सौहार्दय के वातावरण का निर्माण कर सकता है ।

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