Thursday, September 17, 2020
Home Hindi वास्तुशास्त्र रेस्टोरेंट का वास्तु

रेस्टोरेंट का वास्तु

जलपान गृह का वास्तु
Jalpan grah ka vastu

वर्तमान समय में घर से बाहर खाने का बहुत चलन हो गया है । आज हर शहर कस्बे में छोटे – बड़े, साधारण -आलिशान खाने पीने के रेस्टोरेंट मिल जायेंगे लेकिन उनका वास्तु सम्मत होना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि इन रेस्टोरेंट Restaurant में प्रतिदिन के खर्चे बहुत ज्यादा होते है इसलिए अगर यहां कोई भी वास्तु दोष (Vastu Dosh) हो तो बहुत तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। इसीलिए बहुधा देखा जाता है की कुछ बहुत अच्छे चलते है और कुछ के खर्चे भी नहीं निकल पाते है और थोड़े ही समय में घाटा उठाकर बंद हो जाते है ।
हम आपको यहाँ पर रेस्टोरेंट से संबंधित कुछ बहुत ही उपयोगी वास्तु के उपाय बता रहे है जिन्हे करके आप निश्चय ही लाभान्वित होंगे ,
रेस्टोरेंट का वास्तु, Restaurant ka Vastu, जलपान गृह का वास्तु, Jalpan grah ka vastu ।

hand logo रेस्टोरेन्ट निर्माण (Restaurant Ka Nirman) के लिये भूमि आयताकार या वर्गाकार होनी शुभ रहती है । 

hand logo रेस्टोरेंट का मुख्य द्वार (Restaurant Ka Mukhya Dwar) उत्तर, पूर्व या ईशान उत्तर-पूर्व की तरफ होना अति उत्तम रहता है।
hand logo रेस्टोरेंट में जमीन की ढाल दक्षिण से उत्तर और पश्चिम से पूर्व की तरफ होनी चाहिए । अर्थात रेस्टोरेंट की ईशान, उत्तर एवं पूर्व की भूमि नैऋत्य, दक्षिण और पश्चिम की भूमि से अपेक्षाकृत नीची होनी चाहिए ।  
hand logo रेस्टोरेंट के निर्माण में यह अवश्य ध्यान दें कि दक्षिण और पश्चिम में कम से कम और उत्तर, ईशान एवं पूर्व में अधिक खाली स्थान छोड़ना चाहिए । 

hand logo रेस्टोरेंट की रसोई अग्नेय कोण में होना सर्वोत्तम होता है लेकिन यह किसी कारणवश संभव ना हो सके तो इसे पश्चिम दिशा में भी बनाया जा सकता है । 
hand logo रेस्टोरेंट की रसोई में चूल्हा, माइक्रोवेव ओवन, तंदूर, मिक्सर ग्राइंडर आदि रसोई के अग्नेय कोण में रखना चाहिए तथा रसोइये का मुँख खाना बनाते समय पूर्व  दिशा की तरफ होना चाहिए, इससे खाने की ग्राहकों से तारीफ ही मिलती है । इन्हे ईशान कोण में बिलकुल भी नहीं रखना चाहिए । 
hand logo फ्रीजर, रेफ्रिजरेटर आदि अग्नेय,  दक्षिण अथवा पश्चिम दिशा में रखना चाहिए लेकिन इसे नैत्रत्य कोण में नहीं रखना चाहिए नहीं तो यह अधिकतर ख़राब ही रहेंगे और इन्हे ईशान में भी कतई नहीं रखना चाहिए । 
hand logo रेस्टोरेंट के किचन में अलमारी, टांड आदि का निर्माण नेत्रत्य, दक्षिण अथवा पश्चिम दिशा में करना चाहिए तथा भारी सामान, बर्तन, पैकिंग, गैस का सिलेंडर, लकड़ी, कोयला आदि सामान इस दिशा में ही रखना चाहिए । यथासंभव यह कोशिश रहनी चाहिए कि रेस्टोरेंट का नेत्रेत्य कौण सबसें ऊँचा और भारी होना चाहियें। 

hand logo रेस्टोरेंट में भूमिगत जल स्त्रोत उतर पूर्व मे और जल की व्यवस्था उत्तर या ईशान में होनी चाहिए। 
hand logo रेस्टोरेंट में अनाज का भण्डारण वायव्य कोण में ही होना चाहिए । इसे किचेन के वायव्य कोण में भी रखा जा सकता है । लेकिन अगर लम्बे समय के कुछ सामान रखना हो तो उसे नेत्रत्य कोण या दक्षिण में और प्रतिदिन / साप्ताहिक उपयोग में आने वाली फल, सब्जियां, दूध, पनीर , मांस, मछली आदि वायव्य कोण में ही रखना चाहिए इससे सारा सामान जल्दी ही बिक जाता है रुकता नहीं है । 

hand logo इसी तरह रेस्टोरेंट में पकाया हुआ खाना अर्थात तैयार माल जो परोसने के योग्य हो उसे भी वायव्य कोण में ही पूर्व की तरफ रखना चाहिए। 
hand logo रेस्टोरेंट में ग्राहकों के बैठने के लिए डाईनिंग हॉल पश्चिम दिशा मे होना सर्वोत्तम होता है । 
hand logo रेस्टोरेंट के डाइनिंग हाल में रिसेप्शन, कैश काउंटर दक्षिण दिशा में होना चाहिए जिससे रिसेप्शनिस्ट ,कैश रिसीव करने वाले का मुँह उत्तर की तरफ रहे । अगर इस दिशा में व्यवस्था ना हो पा रही हो तो इसे पश्चिम दिशा में भी बनाया जा सकता है जिससे रिसेप्शनिस्ट ,कैश रिसीव करने वाले का मुँह पूर्व की तरफ रहे । 
hand logo रेस्टोरेंट का ईशान कोण बिलकुल साफ रखे । पूजा घर ईशान में ही बनाये स्थानाभाव के कारण इसे पूर्व तथा उत्तर में भी बनाया जा सकता है । 

hand logo रेस्टोरेंट के डाइनिंग हाल में ग्राहकों के हाथ धोने के लिए वाश बेसिन ईशान, उत्तर अथवा पूर्व की तरफ बनवाएं लेकिन यह ध्यान रहे कि कोई भी उसमे थूके नहीं । 
hand logo रेस्टोरेंट में टॉयलेट वायव्य कोण में बनाना चाहिए , अगर यहाँ पर ना बन सके तो इसे नेत्रत्य या दक्षिण दिशा में भी बनाया जा सकता है।
hand logo रेस्टोरेंट के हाल में बिजली का मीटर, स्विच, ऐ सी आदि अग्नेय, दक्षिण अथवा पश्चिम में लगाने चाहिए । इन्हे ईशान और नैत्रत्य दोनों ही दिशा में नहीं लगाना चाहिए । 

hand logo रेस्टोरेंट में हिंसक जानवरो, रोते हुए लोगो , डूबते हुए सूरज , डूबता हुए जहाज, युद्ध या महाभारत आदि की तस्वीरें नहीं लगनी चाहिए ।   हमें विश्वास है कि आप रेस्टोरेंट के इन उपायों को अपनाकर अवश्य ही अपना व्यापार को अधिक से अधिक बढ़ा सकेंगे । 

 इस साइट पर हम वास्तु के कुछ बहुत ही आसान नियमों को बता रहे है जिनका पालन करके सभी मनुष्य अल्प प्रयासों से ही अपने जीवन के स्तर को अपनी क्षमताओं के अनुसार और भी ऊँचा उठा सकते है ।  

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Hindi Newspaper Sites

दैनिक जागरण www.jagran.comअमर उजाला www.amarujala.comहिन्दुस्तान www.livehindustan.comगूगल न्यूज़ News.google.co.in

Tips/Remedies To Get An Offspring

Tips/Remedies To Get An Offspring20.For a healthy and bright child, it is important that couples should bear in...

Shradh,Shradh Paksha,Pitra Paksha,Pind Daan

Shradh"Pitrapaksh" has an importance in "Hindu Religion" and "Hindu Culture". The rituals performed for our ancestors with gratitude...

ऑफिस का वास्तु | ऑफिस का वास्तु टिप्स

कार्यालय के वास्तु के अचूक उपायkaryalaya Ke Vastu ke upayआजकल कड़ी प्रतिस्पर्धा का जमाना है । लोग...
Translate »