Wednesday, April 24, 2024
HomeHindiघरेलु उपचारलू के घरेलु उपचार

लू के घरेलु उपचार

लू के घरेलु उपचार Loo ke Gharelu Upchar

भारत में गर्मियों में चलने वाली प्रचण्ड गर्म तथा शुष्क हवाओं को लू ( Loo ) या सन स्ट्रोक ( sun stroke) या हीट स्ट्रोक ( heat stroke ) कहतें हैं।

लू ज्यादातर मई तथा जून में चलती हैं। लू के समय भीषण गर्मी ( Bhishsn Garmi ) पड़ती है और तापमान 42 डिग्री से अधिक हो जाता है | कई जगह तो पारा 49=50 डिग्री तक चला जाता है।

लू ( loo) लगने का प्रमुख कारण हमारे शरीर में नमक और पानी की कमी का होना है।

नमक और पानी का बड़ा हिस्सा हमारे शरीर से पसीने के रूप में निकलकर खून की गर्मी को बढ़ा देता है और हम लू के शिकार ( Loo ke shikar ) हो जाते है ।

लू में बहुत गर्म हवाएं ( Garam Havayen ) चलती है, हमारे देश में विशेषकर उत्तर भारत में प्रति वर्ष हज़ारो लोग लू का शिकार ( Loo ka shikar ) बन के असमय ही मृत्यु को प्राप्त हो जाते है ।
विशेषकर बच्चों, वृद्धों, या कमजोर व्यक्ति लू के जल्दी शिकार हो जाते है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित व्यक्ति भी लू की जल्दी गिरफ्त में आ जाते हैं।

Pandit Ji
Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Translate »