Saturday, August 15, 2020
Home Hindi सावन शिवलिंग पे क्या ना चढ़ाएं

शिवलिंग पे क्या ना चढ़ाएं

भगवान शिव की पूजा में रखे ध्यान | Bhagwan shiv ki pooja me rakhe dhyan

भगवान शिव पर ये ना चढ़ाएं
Bhagwan Shiv Par Ye na chadayen 

  • भोलेनाथ को देवों के देव यानी महादेव कहलाते है। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ही आदि और अनंत हैं। सभी देवताओं में भगवान शिव ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जिनकी लिंग रूप में भी पूजा की जाती है। भगवान भोलेनाथ सचमुच इतने भोले है कि वह जरा सी भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते है ।उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उन्हें ऐसी बहुत सी चीजें अर्पित की जाती हैं जो अन्य किसी भी देवता को नहीं चढ़ाई जाती। जैसे आक, बेलपत्र , भांग, धतूरा आदि ।

  • लेकिन बहुत सी ऐसी वस्तुएँ भी है जो और देवताओं को तो चढाई जाती है परन्तु भगवान आशुतोष की पूजा में उन्हें चढ़ाना पूर्णतया मना है शायद इसीलिए भूलवश या अज्ञानता वश शिव भक्तो को अपनी पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है |
  • हिंदु धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र माना जाता है और लगभग सभी पूजा के कार्यों में शंख का प्रयोग होता है लेकिन भगवान शिव के शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित है, उन्हें कभी भी शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए ।
  • तुलसी भी बहुत पवित्र मानी जाती है और लगभग सभी देवकार्यो में इसका प्रयोग होता है लेकिन तुलसी को भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाना मना है | ऐसा बहुत से लोगो को पता ही नहीं है और वह नित्य भगवान शिव की पूजा में उन्हें तुलसी दल अर्पित करते है जिससे उनकी पूजा पूर्ण नहीं होती है।
  •  धार्मिक कार्यों में कई पूजन कार्य हल्दी के बिना पूर्ण नहीं माने जाते। लेकिन भगवान शिव को हल्दी अर्पित नहीं की जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हल्दी स्त्री सौंदर्य प्रसाधन में प्रयोग में लायी जाती है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।
  •  भगवान शिव सफेद रंग के फूलों से शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं। उन्हें कमल और कनेर के अलावा कोई भी लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाये जाते हैं। भगवान भोलेनाथ को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाना भी मना है।
  •  शिवजी की पूजा में बहुत से भक्तजन शिवलिंग पर लोहे या स्टील के लोटे / बर्तन से जल चढ़ाते है जो बिलकुल गलत है । भगवान भोलेनाथ पर हमेशा पीतल , कांसे या अष्टधातु के बर्तन / लोटे से ही जल चढ़ाना चाहिए लोहे या स्टील के बर्तन से नहीं ।
  •  भगवान शिव को सफ़ेद रंग बहुत ही प्रिय है इसीलिए उन्हें यथासंभव सफ़ेद चन्दन से ही तिलक लगाना चाहिए , लाल या पीले चन्दन से नहीं ।
  •  शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना बेलपत्र के बिना पूरी नहीं होती।
Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

आँखों से चश्मा हटाने के उपाय

आँखों से चश्मा हटाने के उपायAnkhon Se chasma hatane ke upay हमारी आँखें ईश्वर के बनाये इस सुंदर...

मान सम्मान प्राप्ति के उपाय

मान सम्मान प्राप्ति के उपायMaan Samman Prapti Ke Upay मान सम्मान प्राप्ति के...

Weekly Horoscope Sites

नवभारत टाइम्स Navbharattimes.in/rashifalवन इंडिया www.Oneindia.in/astrologyदैनिक भास्कर Religion.bhaskar.com/jyotish/rashiवेब दुनिया Webdunia.com/hindiGanesh Speaks Ganeshaspeaks.com/hindiAstrosage www.Astrosage.com/rashifalLive Hindustan www.livehindustan.com/astrologyरफ़्तार Raftaar.in/Hindi-Prediction

नकारात्मक ऊर्जा से बचें

आज विश्व भर में भारतीय वास्‍तु शास्त्र कि धूम है। वास्तु शास्त्र के माध्यम से हम अपने घर , कार्यालय में निगेटिव...
Translate »