Sunday, September 12, 2021
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kaal sarp dosh ke upay, काल सर्प दोष के उपाय,

कालसर्प दोष के उपाय, Kaal Sarp Dosh ke upay,

कालसर्प दोष ( Kaal Sarp dosh) जन्म कुण्डली में राहु और केतु की विशेष स्थिति से बनने वाले एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी कुंडली में परिलक्षित होता है। लेकिन यदि कालसर्प दोष के उपाय, Kaal Sarp Dosh ke upay, किये जाये तो यह वरदान के रूप में भी बदल सकता है।
सामन्यता यह देखा जाता है कि कालसर्प दोष (kaal sarp dosh ) से पीड़ित व्यक्ति को आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशानी होने के साथ साथ संतान संबंधी कष्ट भी होते है उसके जीवन में भी बहुत उतार-चढ़ाव आते है।

लेकिन कालसर्प योग ( kaal sarp yog ) हमेशा पीड़ा देने वाला नहीं होता है। वास्तव में कालसर्प योग के असर से कभी व्यक्ति को जीवन में अनेक कष्टों से दो-चार होना पड़ सकता है तो कभी यही योग ऊंचें पद, सम्मान और सफलता का कारण भी बन जाता है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार कालसर्प योग का शुभ-अशुभ फल राशियों के स्वभाव और तत्व पर पर निर्भर करता है।

आजकल 40-50 प्रतिशत लोगों की कुंडली में यह दोष होता है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जी की कुंडली में भी यह दोष था, चंद्रशेखर जी और सचिन तेंदुलकर की कुंडली भी कालसर्प दोष, Kaal Sarp Dosh से प्रभावित थी लेकिन फिर भी ये लोग अपने-अपने क्षेत्रों में बहुत सफल रहे।

  • कालसर्प दोष कुंडली में खराब जरूर माना जाता है किन्तु सही तरह से इसका उपाय करने पर यही कालसर्प दोष सिद्ध योग भी बन सकता है।

kaal sarp dosh ke upay, कालसर्प दोष के उपाय,

वर्ष 2020 में नाग पंचमी के दिन उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण का उत्तम योग पड़ रहा है। इस योग में कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा बहुत श्रेष्ठ मानी गई है। नाग पंचमी के दिन भगवान कल्की की जयंती भी है।
कालसर्प दोष निवारण के लिए नागपंचमी का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस दिन चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा भगवान शिव को अर्पित करके / शिवलिंग पर चढ़ाकर उसके ऊपर दूध या पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। इससे भगवान शंकर की कृपा मिलती है, नाग देवता का भी आशीर्वाद मिलता है ।

  • काल सर्प दोष ( kaal sarp dosh ) के छुटकारा पाने के लिए 40 दिन जौ के दाने पक्षियों को खिलाएं।
  •  घर की रसोई घर में बैठकर भोजन करें और बुधवार के दिन ताजी मूली का दान करें। इसे काल सर्प दोष ( kaal sarp dosh )दूर होता है |
  •  अमावस्या के दिन पितरों को शान्त कराने हेतु दान आदि करें तथा कालसर्प योग शान्ति पाठ कराये।
  •  शयन कक्ष में बेडशीट व पर्दे लाल रंग के प्रयोग में लायें काल सर्प दोष ( kaal sarp dosh ) में कमी आते है।

  •  काल सर्प दोष ( kaal sarp dosh ) से छुटकारा पाने के लिए हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें और मंगलवार के दिन हनुमान पर सिंदूर, चमेली का तेल व बताशा चढ़ाएं।
  •  शनिवार को पीपल पर शिवलिंग चढ़ाये व शिव मन्त्र का जाप करें । यह काल सर्प दोष का अचूक उपाय है( kaal sarp dosh ka achuk upay ) |
  •  काल सर्प दोष ( kaal sarp dosh ) को दूर करने के लिए सवा महीने देवदारु, सरसों तथा लोहवान – इन तीनों को जल में उबालकर उस जल से स्नान करें।
  •  काल सर्प दोष निवारण यंत्रा घर में स्थापित करके उसकी नित्य प्रति पूजा करें ।
  •  सोमवार को शिव मंदिर में चांदी के नाग की पूजा करें, पितरों का स्मरण करें तथा श्रध्दापूर्वक बहते पानी में नागदेवता का विसर्जन करें।
  •  लोहे का नाग नागिन का जोड़ा बनवाकर बहते पानी में बहायें।

  •  कालसर्प योग में गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए|
  •  अगर शत्रु से भय लगता हो तो चाँदी अथवा ताँबे के सर्प बनाकर उनकी आँखों में सुरमा लगाकर उसे शिवलिंग पर चढ़ा दें, इससे भय दूर होगा व शत्रु भी शांत हो जायेंगे ।
  •  यदि परिवार में क्लेश होता हो, आपसी प्रेम की कमी हो रही हो तो भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति जिसके सिर पर मोरपंखी मुकुट धारण हो घर में स्थापित करें एवं प्रतिदिन उनका पूजन करते हुए ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का यथाशक्ति जाप करे।
  •  किसी शुभ मुहूर्त में मसूर की दाल तीन बार गरीबों को दान करें।

  • किसी शुभ मुहूर्त में सूखे नारियल को बहते जल में तीन बार प्रवाहित करें तथा किसी शुभ मुहूर्त में शनिवार के दिन बहते पानी में तीन बार कोयला भी प्रवाहित करें
  •  मंगलवार एवं शनिवार को रामचरितमानस के सुंदरकाण्ड का पाठ श्रध्दापूर्वक करें।
  •  शनिवार का व्रत करें और राहु,केतु व शनि के साथ हनुमान की आराधना करें। शनिवार को श्री शनिदेव का तैलाभिषेक करें
  •  प्रथम पूज्य शिव पुत्र श्री गणेश को विघ्रहर्ता कहा जाता है। इसलिए कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए गणेश पूजा भी करनी चाहिए।
  •  एक वर्ष तक गणपति अथर्वशीर्ष का नित्य पाठ करें।
pandit-ji
ज्योतिषाचार्य मुक्ति नारायण पाण्डेय
( हस्त रेखा, कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )
Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
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