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खुजली के उपाय, khujli ke upay,

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खुजली के उपाय, khujli ke upay,

त्वचा पर खुजली दाद हो जाने, फोड़े-फुंसी हो जाना बरसात आदि के मौसम में आम बात है। दाद या एक्जिमा, खुजली त्वचा से जुड़ी बीमारियां है जो कई बार गंभीर समस्या भी बन जाती है। एक्जीमा या दाद पर होने वाली खुजली और जलन दाद से पीडि़त व्यक्ति का जीना मुहाल कर देती है।

दाद- खाज यह एक फफूदी से होने वाला रोग है। इसके होने पर जातक का हाल, बेहाल हो जाता है और लोगों के सामने शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है। दाद खाज पर ज्यादा खुजली करने से त्वचा पर लाल रंग के दाने / चकत्ते निकल आते हैं।
खुजाते खुजाते त्वचा में जलन होती है लाल ददोरे भी पड़ जाते हैं और कई बार खुजाते हुए ददोरो के छिलने से उनमें से खून निकल आता है , और अगर यह पक जाये तो उसमें पतला पानी-सा निकलने लगता है|

खुजली के उपाय, khujli ke upay,

हमें एक्जीमा या दाद, खुजली गरम ठंडी चीजें साथ में खाने, गन्दगी के मच्छरों के, साँस के साथ जीवाणु फैलने, बाहर खुला खाने जिस पर मच्छर मक्खी बैठते हो, शराब पीने, तंबाकू, पान मसाला आदि खाने के कारण भी हो जाती है।

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पसीने वाले कपड़े या गंदे कपड़े फिर से पहनना , अंडर गारमेंट प्रतिदिन ना बदलना , ठीक से शरीर की साफ सफाई ना करना आदि भी इसके कारण है। खून की खराबी के कारण भी दाद,खुजली हो जाती है। यह एक संक्रामक रोग है, यदि घर में किसी व्यक्ति को खुजली हो जाय और साफ सफाई का ध्यान ना रखा जाय तो यह धीरे-धीरे पूरे परिवार को घेर सकती है।
वैसे तो यह रोग खतरनाक नहीं है, लेकिन यदि लापरवाही बरती जाय तो इससे मुश्किल पैदा हो सकती है ।

दाद – खाज, खुजली होने पर सावधानियाँ

खुजली होने पर खान पान में विशेष सावधानी रखनी चाहिए । खुजली हो जाने पर सबसे पहले नमक बंद कर देना चाहिए या काफी कम कर देना चाहिए।
यदि नमक छोड़ना मुश्किल हो तो सेंधा नमक का बहुत कम मात्रा में सेवन करें।
इसके अतिरिक्त ज्यादा खटाई, तेल, मिर्च-मसाले, चावल, चाय, कॉफी, अरहर की दाल, अरबी की सब्जी, अंडा, मीट , मछली , गुटका , पान मसाला ,शराब आदि त्याग देना चाहिए। बाजार से खुले सामान जैसे समोसे, कचौड़ी, परांठे, चाइनीज़ खाद्य पदार्थ आदि का भी सेवन बंद करना चाहिए।

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इसके साथ-साथ इमली, अचार, नीबू, टमाटर, लाल मिर्च आदि का सेवन भी बंद कर देना चाहिए। इनकी जगह दूध, दही, घी, मक्खन, मट्ठा, तजि हरी सब्जियां और ताजे मौसमी फलो का प्रयोग करना चाहिए। खुजली में आवँला बहुत लाभकारी है इसका सेवन करना चाहिए ।

खुजली के घरेलु उपचार, khujli ke gherlu upchar

  • दाद, खुजली होने पर कुछ दिनों तक सुबह एक चम्मच नीम की पत्तियों का रस पिएं साथ ही नीम की पत्तियों को पीसकर दही में मिलाकर उसे खुजली वाले स्थान पर सुबह शाम लगाएं।
  • दाद,खुजली होने पर आठ – दस दिनों तक नित्य सुबह चार-पांच नीम की ताजी कोंपलें धोकर, चबाकर खाएं और उसके ऊपर से पानी पी लें।
  • दाद,खुजली होने पर रात को तांबे के बरतन में थोड़ा-सा दही रख दें,फिर सुबह जब दही का रंग कुछ नीला पड़ जाए तो इस दही को उसी बरतन में कुछ देर तक फेंटकर फिर इसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
  • नीम के पत्ती को दही के साथ पीसकर दाद खाज पर लगाने से वह जड़ से चले जाते है।
  • 100 ग्राम तिली के तेल में 100 ग्राम बथुए का रस मिलाकर इसे धीमी आँच पर पकाकर, इसे छानकर शीशी में भर लें। फिर खुजली वाली जगह पर इस तेल को नित्य लगाएं|
  • खुजली होने पर खुजली वाले स्थान पर शहद को लगाएं इससे भी शीघ्र ही लाभ मिलता है।
  • टमाटर खट्टा होता है। इसकी खटाई खून को साफ करती है। कुछ सप्ताह तक नित्य टमाटर का रस पीने से सभी तरह के चर्मरोगों में लाभ मिलता है ।
  • आधा चम्मच पिसी काली मिर्च को एक चम्मच गाय के देशी घी के साथ लेकर इसका लगातार 20 दिन तक सेवन करें।
  • त्वचा के किसी भी तरह के रोग दाद, खाज और खुजली में मूली के पत्तों का रस लगाने से लाभ होता है।
  • दाद खाज पर अंजीर का दूध लगाने से दाद ख़त्म हो जाते हैं।
  • दाद खाज होने पर कच्चे आलू का रस पीने से बहुत ज्यादा आराम मिलता है ।
  • दाद खाज खुजली होने पर गुलकंद और दूध पीने से शीघ्र ही आराम मिलता है ।
  • दिन में तीन चार बार और रात को सोते समय भी दाद खाज में हल्दी का लेप करते रहने से शीघ्र ही आराम मिलता है।
  • दो चम्मच तुलसी के पत्तों का रस और दो चम्मच नीबू का रस को आपस में मिलाकर इसे दाद,खुजली वाले स्थान पर रुई के फाहे से लगाएं।
  • थोड़ी-सी अजवायन को गरम पानी में चटनी की तरह पीस लें। फिर इसे दाद,खुजली वाले स्थान पर लगाएं, शीघ्र ही फायदा मिलता है ।
  • दो पके हुए केलों को किसी बरतन में फिर उसे अच्छी तरह से मसल लें फिर इसमें एक नीबू का रस निचोड़कर उसे अच्छी तरह से मिला लें अब इस मलहम को दाद,खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
  • 250 ग्राम सरसों या तिल के तेल में चार-पांच चम्मच दूब का रस और 100 ग्राम पिसी हुई हल्दी मिलाकर इसे लोहे को कड़ाही में धीमी आँच पर पकाएं कुछ देर पकाने के बाद इस तेल को छानकर बोतल में भर कर रख लें। फिर नित्य दिन में तीन बार इस तेल को खुजली वाले स्थान पर रुई के फाहे से लगाएं ।
  • कच्ची अरहर की दाल को पीसकर उसे दही में मिलाकर दाद वाले स्थान पर लगाएं।
  • नीबू का रस तथा चमेली का तेल बराबर बराबर मात्रा में मिलाकर दाद,खुजली पर लगाने से खुजली से जल्द ही आराम मिलता है ।
  • जीरे को अच्छी तरह से कपडे से छान कर उसे पीस लें फिर उसे पानी में गाढ़ा-गाढ़ा घोलकर नित्य सुबह शाम दाद,खुजली वाली जगह पर लगाएं।
  • आधे नीबू के ऊपर थोड़ी-सी पिसी हुई फिटकिरी बुरककर उसे दाद,खुजली वाले स्थान पर अच्छी तरह लगाएं।
  • गेहूं के आटे में तिली का तेल मिलाकर उसे सुबह शाम दाद,खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
  • नारियल के तेल में दो गुना टमाटर का रस मिलाकर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
  • थोड़े-से पतले दही में छिलके वाली मूंग की दाल को पीस लें, फिर उसे दिन में 3 बार दाद,खुजली वाले स्थान पर लगाएं,2 – 3 दिन में फर्क नज़र आने लगेगा ।
  • 2 चम्मच नीबू के रस में एक चुटकी नौसादर मिलाकर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं दाद,खुजली से जल्द ही राहत मिलेगी ।
  • नारियल के तेल में नीबू का रस मिलाकर लगाने से खुजली अति शीघ्र ही शान्त होती है।

इस साइट के सभी आलेख शोधो, आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है। किसी भी बीमारी में आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें,असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी।

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