Saturday, July 24, 2021
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नाग पंचमी का महत्व, Nag Panchmi Ka Mahtva,

Nag Panchmi Ka Mahtva, नाग पंचमी का महत्व,

 इस वर्ष 2020 में 25 जुलाई दिन शनिवार को नागपंचमी (Nag Panchami) का महत्वपूर्ण पर्व है। पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता (Nag Devta)हैं, निर्णय सिंधु के अनुसार षष्टी युक्त पंचमी में नाग देवता की पूजा करने से नाग देवता प्रसन्न होते है ।

 शास्त्रो के अनुसार प्रत्येक माह के दोनों पक्षो की पंचमी तिथि को नाग देवता (Naag Devta) की अवश्य ही पूजा करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार श्रावण माह की पंचमी अर्थात नाग पंचमी (Naag Panchmi) के दिन नाग देव की पूजा Nag Dev ki puja करने से भय तथा कालसर्प दोष (Kaal Sarpdosh) दूर होता है।

नाग पंचमी का पर्व देश के अलग-अलग भागों में भिन्न-भिन्न तरह से मनाया जाता है। उत्तर भारत में नाग की गोबर से बनी तस्वीर की दूध, दूब, कुश, चंदन, अक्षत, फूल आदि से पूजा करते हैं वहीँ दूसरी ओर महाराष्ट्र, दक्षिण भारत,और बंगाल के बहुत से हिस्सों में सांपो के काटने के डर से मुक्ति के लिए लोग उपवास भी रखते हैं। पश्चिम बंगाल, असम और उड़ीसा में लोग नाग पंचमी के दिन नाग देवी मां मनसा की पूजा करते है। केरल में नाग पंचमी के दिन भगवान शेषनाग की पूजा की जाती है।

मान्यता है कि पंचमी को नाग देवता (Naag Devta) का पूजन करने से घर में किसी की भी सांप काटने से मृत्यु नहीं होती है और अगर सांप काटने से किसी की मृत्यु हो भी गयी हो तो उसे मुक्ति मिलती है, जातक को निर्भयता प्राप्त होती है ।

जिन लोगों की कुंडली में राहु-केतु अशुभ फल देते हैं या किसी की राहु की महादशा चल रही है, तो ऐसे जातको के लिए नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा, भगवान शंकर का रुद्राभिषेक समस्त संकटो के निवारण के लिए बहुत उपर्युक्त माना जाता है।

 नाग पंचमी (Naag Panchmi) एवं प्रत्येक माह के दोनों पक्षो की पंचमी को “अनंत, बासुकि, शंख, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, घृतराष्ट, ऊ शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगल” इन बारह पुण्यदायक नागों के नामो का उच्चारण करना चाहिए अथवा पांच पौराणिक नागों ———

“अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक व पिंगल” के नामो का कम से कम 21 बार उच्चारण करें ।

 पुराण के अनुसार यदि कोई जातक पूरे वर्ष भर नाग की पूजा Nag ki puja नहीं कर पाता है तो उसे श्रावण माह की शुक्लपंचमी जिसे नाग पंचमी Nag Panchmi के नाम से जानते हैं इस दिन नागों की पूजा Nagon ki puja अवश्य ही करनी चाहिए।

 गरुणपुराण के अध्याय 69 में श्री हरि जी ने कहा है कि नाग पंचमी Naag Panchmi के दिन नागों की पूजा nagon ki puja करने से मुक्ति तो मिलती ही है साथ में पितृगण pitragan भी प्रसन्न होते हैं, उनका आशीर्वाद मिलता है।

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कुंडली एवं वास्तु विशेषज्ञ
पंडित पंडित ज्ञानेंद्र त्रिपाठी जी

 इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे कच्ची मिट्टी के बर्तन में दूध रखना चाहिए।

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