Monday, September 13, 2021
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diwali ka mahatva, दिवाली का महत्व,  

diwali ka mahatva, दिवाली का महत्व,  

हिन्दू धर्म में दिवाली का महत्त्व / diwali ka mahatva, बहुत अधिक है, दिवाली हिन्दुओं का सबसे प्रमुख पर्व माना जाता है । असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दीपावली Dipavali कार्तिक मास की अमावस्या के दिन पूरे भारतवर्ष में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है।  इस पर्व पर घर कारोबार में सुख-समृद्धि के लिए भगवान गणपति गणेश और लक्ष्मी माँ का पूजन किया जाता हैं।  इस दिन गणेश जी कि पूजा से ऋद्धि–सिद्धि एवं माँ लक्ष्मी के पूजन से घर में स्थाई सुख-समृद्धि का वास होता हैं ।

शास्त्रो के अनुसार दीपावली Dipavali का यह महा पर्व भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के  बनवास के बाद वापस अपने राज्य में लौटने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन रात्रि में जागरण कर माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना करने का विशेष महत्व है ।  

मान्यता है इस दिन माँ लक्ष्मी रात में धरती में भ्रमण करती है और जो भक्त रात में जाग कर उनकी भक्ति करते है उनके यहाँ पर स्थाई रूप से निवास करती है । दीपावली के दिन व्यापारी अपने नई बही खातों की पूजा करते हैं।

दीपावली Dipavali का अर्थ है दीपकों कि माला। इस दिन दीपक की पूजा की जाती है और घर, कारोबार को दीपको को जलाकर उनसे सजाया जाता है। दीपक अंधकार को दूर कर प्रकाश का प्रतीक हैं।  तंत्र शास्त्र में दीपावली का बहुत महत्व है।

 दीपावली Dipavali के दिन किये जाने वाले तंत्र उपायों का प्रयोग बहुत प्रभावी माना जाता हैं। इस दिन किये गए उपाय अति शीघ्र फलदायी होते है।

Diwali ka upay, दिवाली के उपाय,

दीपावली Dipavali के दिन घर के मुख्य द्वार पर कुमकुम से स्वस्तिक बनायें और बासमती चावल की ढेरी बनाकर उस पर एक सुपारी में कलावा बांधकर रख दें , यह धन प्राप्ति का अचूक प्रयोग है ।

दीपावली Dipavali के दिन अमावश्या होती है अतः अपने पूर्वजो को अवश्य याद करें ,प्रातः उनका तर्पण करें और किसी वृद्ध और गरीब व्यक्ति को भोजन कराएँ या यथा शक्ति दान दें , ऐसा करने से उस व्यक्ति को अपने पित्तरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति बनी रहती है ।

 यदि बहुत प्रयास करने पर भी किसी व्यक्ति को मकान का सुख नहीं प्राप्त हो रहा है , तो वह दीपावली को किसी भूखे को भगवन समझ कर उसे प्रेम पूर्वक भोजन कराएँ और थोडा गुड खरीद कर गाय को खिला दें । उसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को नियम से भूखे व्यक्ति को भोजन और रविवार को गाय को गुड खिलाएं , १ वर्ष तक ऐसा करें आपकी वर्षों की अभिलाषा कैसे पूरी होगी यह आपको भी पता नहीं चलेगा ।

यदि आपको यह अनुभव होता है की आपके व्यापर / नौकरी में उन्नति नहीं हो रही है तो दीपावली की रात्रि में कच्चा सूत लेकर उसे शुद्ध केसर से रंगकर भाई दूज के दिन माँ लक्ष्मी का स्मरण करते हुए अपने व्यापारिक स्थल में बांध दें , इस प्रयोग से व्यापर में निश्चित ही उन्नति होती है । नौकरी वाले इसे अपनी टेबिल / अलमारी / ड्रार कहीं भी बांध सकते है ।

दीपावली Dipavali को सुबह समय अगर गन्ने की जड़ को नमस्कार करके घर में लाये और रात्रि में लक्ष्मी पूजन के समय उसकी भी पूजा करें , तो ऐसा करने से घर में अटूट लक्ष्मी का वास होता है ।

  दीपावली Dipavali की रात्रि में व्यापारिक स्थल में पूजा करने जाते समय शुद्ध केसर मिली मीठी दही खाकर घर से प्रस्थान करें और उसके बाद माँ लक्ष्मी का पूजन करें तो उस व्यापार में बरकत रहती है ।

दीपावली Dipavali के दिन में पाँच पीपल के पत्तों को तोड़कर घर में ले आयें , रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद उन पत्तों पर पनीर , दूध से बना कोई भी मिष्टान रख कर उसे पीपल के पेड़ को अर्पित कर दें और अपनी इच्छा बोल दें , कार्यों में सफलता मिलने लगेगी ।

 दीपावली Dipavali के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा के समय माँ को सुगन्धित इत्र और केसर जरुर अर्पित करें , अगले दिन से पूरे वर्ष इस केसर का तिलक और इत्र लगाकर काम पर जाने से आर्थिक सफलता मिलती है ।

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