Friday, August 14, 2020
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जन्माष्टमी के उपाय, Janmashtami ke upay,

 श्री जन्माष्टमी 2020, Shri Krishan Janmashtami 2020,

  • शास्त्रों में जन्मष्टमी के उपाय ( Janmashtami ke upay, ) समस्त मनोकामनाओं को सिद्ध करने वाले माने गए है । 16 कलाओं से सम्पन्न भगवान श्री कृष्ण का अवतरण भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रात्रि 12 बजे मथुरा नगरी के कारागार में वासुदेव जी की पत्नी देवकी के गर्भ से रोहिणी नक्षत्र में एवं वृषभ के चंद्रमा की स्थिति में बुधवार के दिन हुआ था।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान श्री कृष्ण लगभग 5 हजार 245 वर्ष पूर्व मध्य रात्रि में इस धरती पर अवतरित हुए थे। वर्ष 2020 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी ( Krish Janmashtami ) का पर्व 11 एवं 12 अगस्त दोनों ही दिन मनाया जा रहा है।
  • दरअसल वर्ष 2020 में अष्टमी की तिथि 11 अगस्त को प्रात: 09 बजकर 06 मिनट से आरंभ हो रही है जो 12 अगस्त को प्रात: 11 बजकर 16 मिनट पर समाप्त हो रही है। 11 अगस्त को भरणी और 12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र है, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र आता है जो 13 अगस्त को रहेगा।
    अर्थात रोहणी नक्षत्र दोनों ही दिन में नहीं है चूँकि अष्टमी का मान 11 एवं 12 अगस्त दोनों ही दिन है इसलिए श्री जन्माष्टमी का पर्व दोनो दिन मनाया जा रहा है।
  • लेकिन प्रश्न यह है कि किस दिन किसको जन्माष्टमी मनानी चाहिए । शास्त्रों में इसके लिए एक आसान सा उपाय बता गया है कि गृहस्थों को उस दिन व्रत रखना चाहिए जिस रात को अष्टमी तिथि लग रही है।
  • पंचांग के अनुसार, 11 अगस्त दिन मंगलवार को गृहस्थ आश्रम के लोगों को जन्माष्टमी का पर्व मनाना सही रहेगा क्योंकि 11 की रात को अष्टमी है। गृहस्थ लोग 11 अगस्त को ब्रत रखें और इस दिन कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाएं, जो कि श्रेष्ठ एवं उत्तम रहेगा।
  • साधु सन्यासी 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे । लेकिन अगर कोई जातक 11 तारीख को ब्रत ना रख पाए तो वह भी अगले दिन अर्थात 12 अगस्त बुधवार को ब्रत रख सकता है ।
  • जगन्नाथ पुरी, बनारस और उज्जैन में कृष्ण जन्माष्टमी 11 अगस्त को मनाई जाएगी, लेकिन मथुरा, द्वारिका में श्री जन्माष्टमी का पर्व 12 अगस्त को ही मनाया जाएगा।
  • हिन्दू धर्म शास्त्रों में जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन व्रत रखने का बहुत महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रसन्नचित होकर इस दिन व्रत रखते हैं, उनके घर कारोबार में सदैव स्थिर लक्ष्मी का वास रहता है, उनको कार्यो में मनवाँछित सफलता प्राप्त होती है ।स्कंद पुराण के अनुसार यदि जो मनुष्य जानते हुए भी जन्माष्टमी ( Janmashtami ) का व्रत नहीं रखता, वह जंगल में सृप के समान होता है।
  • जन्माष्टमी ( Janmashtami ) की रात्रि तंत्र मन्त्र के लिए, अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए किये गए उपायों के लिए बहुत ही विशेष मानी गयी है । इसीलिए इस रात्रि को मोह रात्रि भी कहते है ।
  • शास्त्रों के अनुसार श्री कृष्ण की पत्नी रुक्मणी माँ लक्ष्मी का अवतार थी अत: अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। अपनी समस्त इच्छाओं की पूर्ति के लिए, अभीष्ट लाभ की सिद्धि के लिए जन्माष्टमी के दिन ये उपाय पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से अवश्य ही करें-

जन्माष्टमी के उपाय, Janmashtami ke upay,

  • प्रेम में सफलता पाने के उपाय :- यदि आप अपने जीवन में किसी लड़की या लड़के से प्रेम करते हैं और उससे विवाह करना चाहते हैं पर आपके प्रेम विवाह में कोई समस्या आ रही है तो आप इस श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपने आसपास राधा कृष्ण जी के मंदिर में जाकर अपने प्रेमी या प्रेमिका को ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गये मंत्र का रोजाना 5 बार जाप करें ! और राधा कृष्ण जी की पूजा अर्चना करके उन्हें भोग लगाये ! ऐसा करने से प्रेम विवाह ( prem vivah ke upay ) में आ रही समस्या दूर हो जाएगी !
  • मंत्र : ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा: !
  •  जल्दी विवाह होने के उपाय : यदि आप किसी से विवाह करना चाहते हैं और आपके विवाह में कोई बाधा या समस्या उत्पन्न हो रही है किसी ना किसी वजह से आपका विवाह टल जा रहा हो और आप चाहते हैं कि आपके विवाह में देरी न हो जल्द से जल्द हो जाए तो आपको यहाँ पर दिए गये मंत्र का रोजाना श्री कृष्ण जन्माष्टमी से जाप करने से विवाह में हो रही समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और जल्द ही आपके विवाह के योग बनेगे और आपका विवाह बिना किसी बाधा के सफलता पूर्वक संपन्न हो जायेगामंत्र : ॐ नमो भगवते रुक्मिणी वल्लभाय स्वाहा !
  •  धन लाभ के लिए :- आर्थिक संकट के निवारण के लिए ,धन लाभ के ;लिए जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन प्रात: स्नान आदि करने के बाद किसी भी राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर प्रभु श्रीकृष्ण जी को पीले फूलों की माला अर्पण करें। इससे आर्थिक संकट दूर होने लगते है धन लाभ के योग प्रबल होते है ।
  •  मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए :- जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन प्रात: दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें । इसके बाद यह उपाय हर शुक्रवार को करें । इस उपाय को करने वाले जातक से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। इस उपाय को करने से समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है ।
  •  ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए :- जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई, साबुतदाने अथवा चावल की खीर यथाशक्ति मेवे डालकर बनाकर उसका भोग लगाएं उसमें चीनी की जगह मिश्री डाले , एवं तुलसी के पत्ते भी अवश्य डालें। इससे भगवान द्वारकाधीश की कृपा से ऐश्वर्य प्राप्ति के योग बनते है।
  • इस बार वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण यथा संभव जन्माष्टमी घर से ही मनाएं, मंदिरो में बहुत भीड़ ना इकठ्ठा करें, सामूहिक रूप से बने प्रशाद को लेने में भी परहेज करें ।
Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
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