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दिवाली के दिन क्या करें 2021, diwali ke din kya karen,

दीपावली Deepavali का दिन साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन की दिनचर्या पहले से ही बनी होनी चाहिए, दिवाली के दिन क्या करें, diwali ke din kya karen, यह जानकर हम अपने जीवन को बहुत ही सौभाग्यशाली, वैभवशाली बना सकते है ।

शास्त्रों के अनुसार दीपावली Deepavali के दिन कोई भी उपाय, प्रयोग या किसी भी प्रयोजन के लिए पूर्ण श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान की उपासना करने से अति शीघ्र फल मिलता है।

अगर हमें उस दिन क्या करना है यह पहले से ही पता हो तो कोई भी त्रुटि नहीं होगी हम निश्चय ही भगवान श्री गणेश और धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर पाएंगे , अपने किसी भी मनोरथ को पूर्ण कर पाएंगे।

यह है 2021 की दीपावली पर माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

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दीपावली Deepavali के दिन प्रात: सूर्योदय से पूर्व ही घर के सभी सदस्यों को जाग कर स्नान आदि से निवृत हो जाना चाहिए ।

दीपावली Deepavali के दिन प्रातः घर की पूजा के समय पीतल या तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ी हल्दी घोल कर उसे पूजा में रखे , पूजा के उपरांत इस जल को पीले फूल से पूरे घर में थोड़ा थोड़ा छिड़क दें और बचा हुआ जल तुलसी या केले के पौधे में चड़ा दें अब इस क्रिया को नित्य पूजा के बाद किया करें घर पर माँ लक्ष्मी ma laxmi की सदैव कृपा बनी रहेगी ।

दीपावली Deepavali के दिन घर की पूजा के बाद प्रात: अपने पितरों का तर्पण अवश्य ही करना चाहिए। तर्पण करते समय एक चाँदी / ताम्बे अथवा पीतल के बर्तन में जल में गंगाजल , कच्चा दूध, तिल, जौ, तुलसी के पत्ते, दूब, शहद और सफेद फूल आदि डाल कर पितरों का तर्पण करना चाहिए।

तर्पण, में तिल और कुशा सहित जल हाथ में लेकर दक्षिण दिशा की तरफ मुँह करके तीन बार तपरान्तयामि, तपरान्तयामि, तपरान्तयामि कहकर पितृ तीर्थ यानी अंगूठे की ओर जलांजलि देते हुए जल को धरती में किसी बर्तन में छोड़ने से पितरों को तृप्ति मिलती है। ध्यान रहे तर्पण का जल तर्पण के बाद किसी वृक्ष की जड़ में चड़ा देना चाहिए वह जल इधर उधर बहाना नहीं चाहिए।

दीपावली Deepavali के दिन पति-पत्नी सुबह किसी भी विष्णु मंदिर में एक साथ जाकर वहां माता लक्ष्मी को वस्त्र चढ़ाएं, इससे उस घर में कभी भी धन की कमी नहीं रहती है ।

मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को पीले फूलो की माला अवश्य ही पहनाये अथवा पीले फूल चढ़ाएं इससे माँ लक्ष्मी की आसानी से कृपा प्राप्त होती है धन लाभ के योग बनते है ।

जानिए कैसे करें दीपावली की पूजा की माँ लक्ष्मी की मिले असीम कृपा

दीपावली वाले दिन पीपल के पेड़ की छाया में खड़े होकर चीनी, दूध और घी मिलाकर उसे पीपल की जड़ में डालें, इससे घर हमेशा धन धान्य से भरा रहेगा।

जीवन में आर्थिक संकट निकट भी नहीं आये, माँ लक्ष्मी की स्थाई कृपा के लिए दीवाली के दिन एक मिट्टी के बर्तन में शहद भर कर उसे ढँककर किसी सुनसान स्थान में गाड़ दें इससे धन धान्य की कोई भी कमी नहीं रहती है।

दीपावली के दिन किसी भी विष्णु मंदिर में ऊंचाई पर पीली त्रिकोण आकृति कि पताका / पीला झण्डा इस प्रकार लगा दे कि वह लगातार लहराती रहे तो उसका भाग्य शीघ्र चमक जाता है ।

यह ध्यान रहे कि झंडा हमेशा लगा रहे अगर वह कट फट जाये या उसका रंग ख़राब हो जाये तो उसको तुरंत बदलवा दें। यह झण्डा आप पीला कपड़ा लेकर बनवा सकते है या पूजा की दुकान से रेडीमेट भी खरीद सकते है ।

दीपावली अमावस्या के दिन पड़ती है इस दिन गहरे गड्ढे या कुएं में एक चम्मच दूध डालें इससे कार्यों में बाधाओं का निवारण होता है। इसके अतिरिक्त अमावस्या को आजीवन जौ दूध में धोकर बहाएं, आपका भाग्य सदैव आपका साथ देगा। यह बहुत ही आसान सा उपाय है इसे अवश्य ही करे ।

दीपावली को सुबह के समय मंदिर जाने के बाद बाजार से गन्ने की जड़ को नमस्कार करके अपने घर में लाये और रात्रि में लक्ष्मी पूजन के समय उसकी भी पूजा करें , ऐसा करने से घर में अटूट लक्ष्मी का वास होता है।

दीपावली के दिन दोपहर में अपने घर में एक ब्राह्मण को भोजन अवश्य ही कराएं और उसके पश्चात उसे दान दक्षिणा भी अवश्य ही दें । इससे आपके पितर सदैव प्रसन्न रहेंगे, कार्यों में अड़चने नहीं आएँगी, घर में धन की कोई भी कमी नहीं रहेंगी और आपका घर – परिवार को किसी भी तरह की ऊपरी हवा , टोने-टोटको के अशुभ प्रभाव से भी बचा रहेगा।

दीपावली के दिन खीर बनायें । उसमें से रात की पूजा के लिए खीर निकल कर पहले ही अलग रख दें, फिर उस खीर को ब्राह्मण को भोजन के साथ अवश्य ही खिलाएं इससे महान पुण्य की प्राप्ति होती है, जीवन से अस्थिरताएँ दूर होती है।

दीपावली के दिन अपने घर एवं व्यापारिक प्रतिष्टान के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीवार पर शुभ – लाभ , स्वास्तिक , ॐ , आदि सौभाग्य चिन्हों को सिंदूर से अंकित करें तत्पश्चात उस पर पुष्प रोली चढ़ाकर ईश्वर से घर में सुख समृद्धि और दीर्घायु के लिए प्रार्थना करनी चाहिए ।

जीवन में हर प्रकार से उन्नति करने के लिए व्यक्ति को चाँदी में निर्मित एवं प्राण प्रतिष्ठित नवरत्न लाकेट दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी कि पूजा के बाद धारण करना चाहिए । इससे जातक को माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश कि कृपा से सभी दिशाओं से सुख समृद्धि और सफलता कि प्राप्ति होती है। यह लाकेट आप धनतेरस से दीवाली किसी भी दिन खरीद सकते है ।

दीवाली पर लक्ष्मी पूजन में देवी लक्ष्मी की आरती कपूर से करें और माँ के सामने नौ बत्ती के दीपक भी अवश्य ही जलाएं इससे माता लक्ष्मी अवश्य ही कृपा करती है । ( आप नौ मुँह वाला बना बनाया दीपक भी बाजार से लेकर उसमे बत्ती लगाकर आरती कर सकते है )।

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