Tuesday, October 19, 2021
Home रक्षाबंधन रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त, raksha bandhan ka shubh muhurth,

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त, raksha bandhan ka shubh muhurth,

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त, raksha bandhan ka shubh muhurth,

रक्षा बंधन 2021, raksha bandhan 2021,

वर्ष 2021 में रक्षा बंधन का पर्व 22 अगस्त रविवार को सावन माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा। हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन ( Raksha Bandhan ) का पर्व बहन-भाई के पवित्र प्रेम के लिए मनाया जाता है । शास्त्रों के अनुसार राखी, रक्षा बंधन के शुभ मुहूर्त ( raksha bandhan ka shubh muhurth, ) में ही बांधनी चाहिए ।
इस दिन बहने अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र / राखी बांधकर उनके कल्याण, उन्नति की कामना करती है और भाई हर हाल में आजीवन अपनी बहन की रक्षा , उसके सुख-सौभाग्य के लिए वचन देते है ।

मान्यता है कि यह रक्षासूत्र भाइयों को इतनी शक्ति देता है कि वह हर परिस्तिथि का मुकाबला करके विजय प्राप्त कर सके।

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त, raksha bandhan ka shubh muhurth,

  • वर्ष 2021 में 22 अगस्त रविवार को सावन माह की पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस वर्ष 2021 को रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान दीर्घायु का शुभ संयोग भी बन रहा है।
  • शास्त्रों के अनुसार बहनो को अपने भाइयों को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में राखी बाँधनी चाहिए इसलिए यह जानना अति आवश्यक है कि किस शुभ मुहूर्त में राखी कब बांधी जाए।
  • रविवार को राहु काल शाम 4.30 बजे से 6 बजे तक है। अतः इस समय राखी भूल कर भी नहीं बांधनी चाहिए। रक्षा बंधन पूर्णिमा को होती है और पूर्णिमा तिथि को भद्रा ( उत्पाती समय / अशुभ समय ) भी होती है लेकिन इस वर्ष अच्छी बात यह है कि रक्षा बंधन के दिन पूरे दिन भद्रा नहीं है।

2021 का रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त

रक्षा बंधन पर्व – रविवार 22 अगस्त 2021,

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: – शनिवार 21 अगस्त 2021 को दोपहर 03:45 मिनट से

पूर्णिमा तिथि का समापन: – 22 अगस्त 2021, शाम 05:58 मिनट

शुभ मुहूर्त: – सुबह 05:50 मिनट से शाम 06:03 मिनट

रक्षा सूत्र / राखी बंधवाने का समय : – 12 घंटे 11 मिनट

अमृत काल: – प्रात: 09:34 से 11:07 तक

अभिजीत मुहूर्त: – दोपहर 11:04 से 12:58 मिनट तक

दोपहर का मुहूर्त : – 01:44 से 04:23 मिनट तक

इस बार रक्षा बंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा ।

  •  शास्त्रों में भद्रा को अति उत्पाती माना गया है, भद्रा का स्वभाव उग्र कहा गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही परम पिता भगवान ब्रह्मा ने उन्हें पंचाग के एक प्रमुख अंग विष्टी करण में स्थान दिया है।
  • शास्त्रों के अनुसार जब भद्रा किसी पर्व काल में स्पर्श करती है तो जब तक वह रहती है उसे श्रद्धावास माना जाता है। और उस काल में बुद्दिमान व्यक्ति कोई भी शुभ कार्य नहीं करते है ।
  •  रावण बहुत ज्ञानी था लेकिन उससे भी एक ग़लती हो गयी थी कहते है कि रावण की बहन स्रूपनखा ने अपने भाई रावण को भद्रा काल में राखी बांधी थी, जिसके कारण परम शक्तिशाली होने पर भी रावण का वंश सहित विनाश हो गया था । इस कारण भद्रा के समय में राखी बांधने को मना किया जाता है।
  • अगर किसी व्यक्ति को किसी भी परिस्थितिवश भद्रा-काल में ही रक्षा बंधन का कार्य करना हों, तो भद्रा के मुख को छोड्कर भद्रा के पुच्छ काल में रक्षा – बंधन का कार्य किया जा सकता है ।
  • शास्त्रों के अनुसार में भद्रा के पुच्छ काल में कार्य करने से कोई भी हानि नहीं होती है कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है, परन्तु भद्रा के पुच्छ काल समय का प्रयोग शुभ कार्यों के लिये विशेष परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए।

इस बार वर्ष 2021 में रक्षाबंधन का पर्व कई शुभ योगों के संयोग में आया है।

इस दिन प्रात: 06 बजकर 15 मिनट से प्रात: 10 बजकर 34 मिनट तक शुभ शोभन योग रहेगा।
यह सभी तरह के मांगलिक कार्य के लिए बहुत ही शुभ हैं।

रक्षाबंधन के दिन शाम को करीब 07 बजकर 39 मिनट तक धनिष्ठा योग रहेगा। धनिष्ठा का स्वामी ग्रह मंगल है। इस नक्षत्र के दौरान राखी बंधवाना शुभ है।
धनिष्ठा काल- 21 अगस्त को रात्रि 20:21 से – 22 अगस्त सांय 19:39 तक रहेगा।

इस वर्ष 2021 में रक्षाबंधन का पर्व राजयोग में बनाया जाएगा।
इस बार रक्षाबंधन के दिन चंद्रमा कुंभ राशि में मौजूद रहेंगे और गुरु कुंभ राशि में ही वक्री चाल में मौजूद है। गुरु और चंद्रमा की इस युति के कारण रक्षाबंधन पर गज केसरी योग बन रहा है।
यह योग सभी प्रकार के सुख देने वाला, संकटों को दूर करने वाला योग है।

रक्षाबंधन के दिन धनिष्ठा नक्षत्र में सूर्य, मंगल और बुध तीनों एक साथ सिंह राशि में मौजूद रहेंगे।
तीन ग्रहों का ऐसा शुभ संयोग 474 साल के बाद बन रहा है। यह संयोग भाई-बहन के लिए यह बहुत ही उत्तम माना जा रहा है।

रक्षा बंधन का मुहूर्त, raksha bandhan ka muhurth, रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त, raksha bandhan ka shubh muhurth, रक्षा बंधन कब है, raksha bandhan kab hai, रक्षा बंधन 2021, raksha bandhan 2021, रक्षा बंधन का शुभ समय, raksha bandhan ka shubh samay, राखी बांधने का सुबह समय, rakhi bandhne ka shubh samay,

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

पितृ पक्ष में श्राद्ध, Pitrapaksha me Shradh,

पितृ पक्ष में श्राद्ध, Pitrapaksha me Shradh,

पवित्र द्वादश ज्योर्तिलिंग

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगश्री सोमनाथ श्री मल्लिकार्जुनश्री महाकाल श्री ओंकारेश्वरश्री बैद्यनाथ श्री भीमशंकरश्री रामेश्वरम्‌श्री नागेश्वरश्री...

Astro Remedies for Health Problems

Astro Remedies for Health Problems11. If someone has been down because of anyone’s evil-eye, then giving the person...

श्री राम शलाका प्रश्नावली

श्रीराम शलाका प्रश्नावली (Shri Ram Shalaka Prashnavali)हर व्यक्ति चाहता है की उसका...
Translate »