Home Hindi तिल विचार पीपल के उपाय, Pipal ke Upay,

पीपल के उपाय, Pipal ke Upay,

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पीपल के उपाय, Pipal ke Upay,


हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ का बड़ा महत्व है, मान्यता है कि पीपल के पेड़ पर समस्त देवी-देवताओं का वास हैं। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा था कि वृक्षों में मैं पीपल हूं। शास्त्रों में बताया गया है कि पीपल का पेड़ लगाने से व्यक्ति दीर्घायु होता है और उसके वंश का नाश नहीं होता है।

हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को जीवन में पीपल pipal का पेड़ अवश्य ही लगाना चाहिए । पीपल pipal का पौधा लगाने वाले व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार संकट नहीं रहता है। पीपल pipal का पौधा लगाने के बाद उसे रविवार को छोड़कर नियमित रूप से जल भी अवश्य ही अर्पित करना चाहिए।

जैसे-जैसे यह वृक्ष बढ़ेगा आपके घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती जाएगी।  पीपल pipal का पेड़ लगाने के बाद बड़े होने तक इसका पूरा ध्यान भी अवश्य ही रखना चाहिए, लेकिन ध्यान रहे कि पीपल pipal को आप अपने घर से दूर लगाएं, घर पर पीपल की छाया भी नहीं पड़नी चाहिए। 

पीपल के उपाय, Pipal ke Upay, पीपल के टोटके, Pipal ke totke, बहुत ही सिद्ध और शीघ्र फलदाई माने गए है यहाँ पर हम आपको पीपल के ऐसे ही कुछ ज्योतिषीय उपाय बता रहे है जो निश्चित जी कल्याणकारी सिद्ध होंगे।

पीपल के उपाय, Pipal ke Upay,

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* पीपल Pipal के वृक्ष में पितरो का वास माना गया है , पितृ पक्ष में पीपल की सेवा करने से पितरो प्रसन्न होते है।

* शनिवार के दिन किसी मंदिर में जाएं जहाँ पर पीपल लगा हो वहां पर शिवलिंग पर तिल मिश्रित जल चढ़ाएं और पीपल pipal पर जल में दूध और काले तिल मिलाकर जल चढ़ाएं ।

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* शनिवार को “ॐ नमो भगवते वासुदेवाये नम:” और “ॐ पितृ दैवतायै नम:” मन्त्र का जाप करते हुए पीपल की 7 परिक्रमा अवश्य ही करें।

* शनिवार के दिन शाम को प्रदोष काल में पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से पितर खुश होते हैं उनका आशीर्वाद मिलता हैं।
पितृ दोष pitra dosh दूर होता है, कुंडली के ग्रहो के अशुभ फल दूर होते है, पितरो pitron के प्रसन्न होने से घर में सुख – समृद्धि और हर्ष का वातावरण होता है।

* शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे पीपल पर टिल मिश्रित मीठा जल चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाकर, पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है । इस उपाय से कार्यो में सफलता के नए मार्ग खुलते है ।

* पीपल pipal में प्रतिदिन जल अर्पित करने से कुंडली के समस्त अशुभ ग्रह योगों का प्रभाव समाप्त हो जाता है। पीपल pipal की परिक्रमा से कालसर्प जैसे ग्रह योग के बुरे प्रभावों से भी छुटकारा मिल जाता है। 

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* रविवार को छोड़कर पीपल के नीचे गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से कुंडली के ग्रहो के बुरे प्रभाव दूर होते है

* मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति पीपल के वृक्ष के नीचे शिवलिंग स्थापित करता है तो उसके जीवन से बड़ी से बड़ी परेशानियां भी दूर हो जाती है। पीपल के नीचे शिवलिंग स्थापित करके उसकी नित्य पूजा भी अवश्य ही करनी चाहिए। इस उपाय से जातक को सभी भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है।

* शनिवार को पीपल की विधि पूर्वक पूजा करके इसके नीचे भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना / आराधना करने से घोर से घोर संकट भी दूर हो जाते है।

* यदि पीपल pipal के वृक्ष के नीचे बैठकर रविवार को छोड़कर नित्य हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो यह चमत्कारी फल प्रदान करने वाला उपाय है।

* पीपल pipal के नीचे बैठकर पीपल के 11 पत्ते तोड़ें और उन पर चन्दन से भगवान श्रीराम का नाम लिखें। फिर इन पत्तों की माला बनाकर उसे प्रभु हनुमानजी को अर्पित करें, सारे संकटो से रक्षा होगी।

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1 COMMENT

  1. गुरु जी प्रणाम मैं 2 साल से असाध्य रोगों से ग्रसित हूँ दबाई से कोई फायदा नहीं हो रहा मैं बहुत परेसान हूँ अब मैं पीपल की सेवा करना चाहता हूं पीपल की पूजा करने की उचित विधि बताने की कृपा करें जिससे मुझे लाभ प्राप्त हो सके।

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