Saturday, April 17, 2021
Home पितृ पक्ष पितरों की विदाई, pitron ki vidai,

पितरों की विदाई, pitron ki vidai,

पितरों की विदाई कैसे करें, Pitro Ki Vidai Kaise karen

* पितृ पक्ष Pitra Paksh में श्राद्ध करके पितृ अमावस्या Pitra Amavasya के बाद सूर्यास्त के समय पूर्ण आदर और श्रद्धा से pitron ki vidai पितरों की विदाई अवश्य ही की जानी चाहिए ।
सर्वपितृ अमावस्या Sarvpitra Amavasya के दिन रात्रि के समय पितृगणों अपने लोक को लौट जाते हैं इसलिए उन्हें विदा करते समय उनको रास्ता दिखने हेतु दीप दान करा जाता हैं।

* इसमें शास्त्रीय विधानानुसार सूर्यास्त के समय गंगा / नदी के तटों पर चौदह दीप प्रज्वलित कर पितरों का सिमरन करना चाहिए। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर दीपों को गंगा में प्रवाहित कर पितरों से अपनी जाने अनजाने में हुई भूलों की क्षमा माँगते हुए उनकी विदाई करें।

Tags : पितरो की विदाई, pitron ki vidai, पितरो को विदा कैसे करें, pitro ko vida kaise karen, पितरो का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, pitron ka ashirvad kaise prapt karen, पितरो को कैसे प्रसन्न करें, pitron ko kaise prasann karen, पितरों की विदाई कैसे करें, pitron ki vidai kaise karen,

* उनसे प्रार्थना करें कि “हे हमारे समस्त ज्ञात अज्ञात पितृ गण हमने सच्चे मन से आपका तर्पण Tarpan, श्राद्ध Shardh किया है, यदि हमसे कुछ भूल हो गयी हो तो हमें क्षमा करें, हम पर सदैव अपना स्नेह, अपना आशीर्वाद बनाये रखे, हमारे घर, हमारे परिवार, हमारे कारोबार के किसी भी प्रकार के संकटों को दूर करें एवं प्रसन्न होकर अपने लोक में पधारे।

* हिन्दु धर्म में पीपल pipal का बहुत ही प्रमुख स्थान है । पीपल pipal में 33 करोड़ देवी देवता का वास माना गया है । भगवान वासुदेव ने भी कहा है कि वृक्षों में मैं पीपल pipal हूँ । पीपल में हमारे पितरों का भी वास माना गया है इसलिए श्राद्ध पक्ष Shradh Paksh में तो इसका और भी ज्यादा महत्व है ।

* इसलिए गंगा / नदी का तट नहीं होने की स्थिति पर पीपल के वृक्ष के चारों ओर दीप प्रज्वलित करके दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर पितरों का सिमरन करते हुए उनकी विदाई करें।

* अगर नदी या पीपल पर दीपक ना जला पाएं तो सांयकाल प्रदोष काल में ( अँधेरा होने पर ) घर के बाहर दक्षिण दिशा में अथवा घर की छत पर दक्षिण दिशा में “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” मन्त्र का जाप करते हुए दीपक जलाएं ।

* फिर दक्षिण दिशा में मुहँ करके पहले यमराज जी , चित्रगुप्त जी फिर अपने आदि पितृ वसु, रूद्र, आदित्य जी को प्रणाम करके उनसे पूरे श्राद्ध पक्ष में किये गए तर्पण, श्राद्ध, दान आदि का पुण्य पाने पितरो को प्रदान करने, उनसे अपने पितरो को मोक्ष प्रदान करने / पितरो को स्वर्ग में स्थान देने की प्रार्थना करे।

* तत्पश्चात अपने पितरो से श्राद्ध पक्ष में हुई अपनी भूलों की क्षमा माँगते हुए, उनसे आशीर्वाद माँगे और उनको प्रसन्नता पूर्वक पितृ लोक की ओर जाने का आग्रह करके उनकी विदाई करें।

* मान्यता है कि पितृ अमावस्या पर उनके निमित दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से उनका पितृ लोक का वापसी का मार्ग प्रशस्त होता है और वे हर्ष पूर्वक आसानी से अपने लोक में वापस चले जाते है ।
इस तरह पितरो को संतुष्ट करके, उनको प्रसन्न करके विदा करने से पितरो का आशीर्वाद उस जातक, उसके घर परिवार पर सदैव बना रहता है।

* वैसे तो पितृ पक्ष Pita Paksh के श्राद्ध Shradh की महिमा अपार है इसके बारे में ज्यादा कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जो भी व्यक्ति अपने दिवंगत माता-पिता, दादी -दादा, परदादा, नाना, नानी आदि का इन 16 श्राद्धों में व्रत उपवास रखकर या श्राद्ध के दिन ब्राह्मण को पूर्ण श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा देते हैं,नित्य अपने पूर्वजों का तर्पण Purvjon Ka Tarpan करते है उनके घर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी सदैव ही विराजमान रहती हैं।

अर्थात वे सदैव ही सुख, सौभाग्य धन धान्य से परिपूर्ण रहते हैं। अत: इस धरती में सभी व्यक्तियों को इन दिनों में अपने कर्तव्यों का अवश्य अवश्य ही पालन करना चाहिए ।


Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

गोवर्धन पूजा कैसे मनाएं / Govardhan Puja kaise Manaye

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा अर्थात दीपावली के दुसरे दिन गोवर्धन पूजा Govardhan Puja एवं अन्नकूट पूजा का पर्व मनाया...

गगुरुद्वारा | गगुरुद्वारा ननकाना साहिब

गगुरुद्वारा ननकाना साहिबGurudwara Nankana Sahibननकाना साहब पाकिस्तान के पंँजाब प्रान्त के शेखपुरा जिले में स्थित है। पहले...

सूर्य ग्रहण में क्या करे क्या ना करे, sury grahan men kya kare kya na karen,

सूर्य ग्रहण में क्या करे क्या ना करे, sury grahan men kya kare kya na karen,

नवरात्री की तैयारी, navratri ki taiyari,

नवरात्री की तैयारी, navratri ki taiyari,सभी हिन्दु धर्म ग्रंथो में नवरात्री की...
Translate »