Tuesday, April 13, 2021
Home Hindi पूर्णिमा के उपाय sarv pitra dosh amawasya ka upay, सर्व पितृदोष अमावस्या का उपाय,

sarv pitra dosh amawasya ka upay, सर्व पितृदोष अमावस्या का उपाय,

sarv pitra dosh amawasya ka upay, सर्व पितृदोष अमावस्या का उपाय,

  • इस मनुष्य जीवन में मनुष्य से पाप और पुण्य दोनों ही कर्म होते है। और इन्ही कर्मो के आधार पर मृत्यु के पश्चात जीव को स्वर्ग या नरक भोगना पड़ता है । शास्त्र कहते है कि पुत्र-पौत्रादि का यह कर्तव्य होता है कि वे अपने पूर्वजों के निमित्त शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे कर्म करें जिससे उनके पूर्वजो को नरक से मुक्ति मिले अथवा वे जिस भी योनियों में हो उन्हें वहाँ पर सुख की प्राप्ति हो सके।
  • इसलिए सनातन धर्म में पितृऋण से मुक्त होने के लिए तर्पण Tarpan, श्राद्ध Shradh, दान Daan आदि करने का बहुत ही महत्व बताया गया है।
    लेकिन बहुत खेद का विषय है कि वर्तमान समय में अधिकांश मनुष्य शास्त्रोक्त विधि को ना जानने के कारण, या जानते हुए भी लापरवाही के कारण केवल रस्मी तौर पर ही पितरों pitron के प्रति अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हैं, इससे पितरो को कष्ट होता है वह रुष्ट हो जाते है जिसके फलस्वरूप जातक को पूरे वर्ष भर अनेको कठनाइयों, अस्थिरताओं का सामना करना पड़ता है।
  • सूर्य की अनन्त किरणों में जो सबसे प्रमुख है उसका नाम ‘अमा’ है। उस अमा नामक प्रधान किरण के तेज से ही भगवान सूर्य तीनो लोको को प्रकाशित करते हैं। उसी अमा किरण में तिथि विशेष को भगवान चन्द्रदेव निवास (वस्य) करते हैं, इसलिए उसका नाम अमावस्या है। अमावस्या प्रत्येक धर्म सम्बन्धी कार्यों के लिए अक्षय फल देने वाली बताई गयी है।
  • शास्त्रों के अनुसार यदपि प्रत्येक अमावस्या पितरों की पुण्य तिथि होती है मगर आश्विन मास की अमावस्या पितरों के लिए परम फलदायी कही गई है। इस अमावस्या को सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या अथवा सर्व पितृ दोष अमावस्या Pitradosh Amavasya अथवा महालया के नाम से भी जाना जाता है।
  • महा का अर्थ होता है ‘उत्सव का दिन’ और आलय से अर्थ है ‘घर’ चूँकि आश्विन कृष्ण पक्ष में पितरों का पृथ्वी पर निवास माना गया है, इस समय में वे अपने घर अपने सम्बन्धियों के आस पास मंडराते रहते है, अत: अश्विन की अमावस्या ashwin amavasya / सर्व पितृ दोष अमावस्या Pitradosh Amavasya पितरों के लिए उत्सव का दिन कहलाता है ।
  • पितृ अमावस्या को पितृ दोष Pitradosh, काल सर्प दोष Kaalsarp Dosh और जीवन के सभी प्रकार के संकटो को दूर करने के लिये अति उत्तम कहा गया है और इस दिन वह उपाय अवश्य ही करें जिससे पितृ प्रसन्न हो और अपना आशीर्वाद प्रदान करें।
  • सर्वपितृ दोष अमावस्या Sarv Pitra Dosh Amavasya के दिन पितरों को शांति देने के लिए, उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए गीता के सातवें अध्याय का पाठ अवश्य ही करें और उसका पूरा फल पितरों को समर्पित करें।
  • पीपल के पेड़ पर पितरों का वास माना गया है। सर्व पितृ दोष अमावस्या के दिन सुबह के समय लोहे के बर्तन में, दूध, पानी, काले तिल, शहद एवं जौ मिला कर समस्त सामग्री पीपल की जड़ में अर्पित करके पीपल की 7 परिक्रमा करें, तथा इस दौरान “ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः” मंत्र का जाप भी लगातार करते रहें ।
    इस उपाय को करने से पितृ प्रसन्न होते है, उनका आशीर्वाद मिलता है ।
  • पितृदोष अमावस्या Pitradosh Amavasya के दिन हर श्राद्धकर्ता को अपने घर में दोपहर में प्रेम और श्रद्धा से ब्राह्मण भोजन अवश्य ही कराना चाहिए, भोजन के पश्चात ब्राह्मण देवता को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान और नकद दक्षिणा देकर उनसे आशीर्वाद भी जरूर लें।
  • इस दिन श्राद्धकर्ता की बहन, बहनोई और भान्जा जो भी उसी शहर में रहते है तो उन्हें भी आदर से बुलवाकर ब्राह्मण भोजन के बाद भोजन अवश्य ही कराना चाहिए, इससे पितृ अत्यंत प्रसन्न होते है और जातक के जीवन में हर्ष की वर्षा करते हुए उसके सभी संकटो को दूर करके विदा होते है।
  • इस दिन गाय को 5 फल भी अवश्य खिलाएं ।
  • इस दिन घर में जो भोजन बने उसमें गाय, कुत्ते, कोए और चीटियों का भोजन भी अवश्य ही निकल दें।
  • पितृ अमावस्या ( pitr amavasya ) के दिन क्रोध, हिंसा, अनैतिक कार्य, माँस, मदिरा का सेवन एवं स्त्री से शारीरिक सम्बन्ध, मैथुन कार्य आदि का निषेध बताया गया है, जीवन में स्थाई सफलता हेतु इस दिन इन सभी कार्यों से दूर रहना चाहिए ।
  • पितृ अमावस्या के दिन खीर बनाकर उसे दो दोने या पत्तल पर निकाल कर मंदिर जाएँ । एक जगह खीर शिवलिंग पर चढ़ाएं, फिर दूसरे खीर के दोने को पीपल के पेड़ के नीचे रखकर पीपल पर हाथ जोड़कर वापस आ जाएँ। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते है , पितरो का भी आशीर्वाद मिलता है।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

जोड़ों के दर्द का इलाज, jodo ke dard ka ilaj,

जोड़ों के दर्द का इलाज, jodo ke dard ka ilaj,* यदि यूरिक एसिड बड़ा है तो एक...

Tips/Remedies To Get a Child

Tips/Remedies To Get An Offspring23.As per the well known Japanese physicist, Dr.Kataj, ladies who take a calcium-rich diet...

शनि देव के उपाय, shanidev ke upay,

 शनि देव के उपाय, shanidev ke upay, शनि देव Shani Dev को न्याय का देवता...

भगवान श्री कृष्ण की पटरानियाँ | Bhagwan Shrikrishan ki Patraniyan

भगवान श्री कृष्ण ( Bhagwan Shrikrishan ) की महिमा अपरम्पार है। शास्त्रों में भगवान श्री कृष्ण ( bhagwan Shrikrishan )...
Translate »